रतलाम के आलोट के विक्रमगढ़ से शुक्रवार रात से लापता 22 वर्षीय युवक का शव उज्जैन के एक बंद कमरे में नील गंगा थाना क्षेत्र के हाटकेश्वर विहार में मिला है। आलोट पुलिस ने उज्जैन पुलिस के साथ घर का ताला खोल शव को बरामद किया है। रविवार सुबह पीएम होगा। युवक की हत्या की गई है। आलोट थाना पुलिस ने शव का बरामद कर लिया है। परिजनों ने कुछ युवकों पर किडनैप की आशंका जताई है। शनिवार दोपहर से परिजन व ग्रामीण बड़ी संख्या में थाने पर पहुंचे थे। पुलिस अपहरण का मामला दर्ज कर युवक की तलाश में जुटी थी। लापता युवक का नाम मनीष माली पिता दिनेश माली निवासी वार्ड 14 विक्रमगढ़ है। युवक अपने पिता के साथ हम्माली करता है। शुक्रवार शाम को पिता व बेटा काम कर एक साथ घर पहुंचे थे। रात करीब 10.30 बजे बेटा मनीष बाजार जाने का कहकर घर से निकला। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजनों ने बेटे को रातभर तलाश किया, नहीं मिला। सुबह पिता व अन्य परिजन आलोट थाने पहुंचे। पिता की रिपोर्ट पर आलोट थाना पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज किया है। दो तस्वीरें देखिए… थाने का चैनल गेट तोड़ने की कोशिश, पत्थर पेंके युवक के शव मिलने की जानकारी मिलने के बाद परिजनों व ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। थाने का घेराव कर लिया है। आरोपियों को बाहर निकालने की मांग को लेकर आक्रोशित भीड़ ने थाने पर पत्थर फेंके। थाने के मुख्य गेट का शटर तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। थाने के बाहर जाकर लोगों ने चक्काजाम कर दिया। आरोपियों के घर बुलडौजर चलाने की मांग करने लगे। काफी देर में लोग शांत हुए। अधिकारी भी आरोपियों के मकान की सीमांकन की जांच करने पहुंचे। परिजन की मांग थी कि आरोपियों का जुलूस निकाला जाए। इनके अवैध मकान तोड़े जाए। टीम सीमांकन के लिए गई है। जावरा एसडीओपी संदीप मालवीय, आलोट एसडीओपी पल्लवी गौर लोगों को समझाने की कोशिश करते रहे। परिजन पुलिस द्वारा समय पर नहीं तलाशने का आरोप लगाया। आरोपियों को बाहर निकाल कर फांसी देने की मांग की। डेढ़ साल पहले हुआ विवाद, पड़ोसी युवक पर शक युवक के पिता का कहना है करीब डेढ़ साल पहले बेटे का विक्रमगढ़ में रहने वाले मयंक नामक युवक से शादी-समारोह में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। मयंक मूल रूप से उज्जैन का रहने वाला है। विक्रमगढ़ में वह अपने नाना के घर पर रहता है। पिता ने मयंक व इसके तीन-चार साथियों पर डरा-धमकाकर व मारपीट कर सफेद रंग की कार में जबरजस्ती बैठाकर ले जाने का आरोप लगाया है। कुछ युवकों को हिरासत में लिया परिजनों द्वारा बताए गए कुछ नामों के बाद मयंक समेत कुछ युवकों को पुलिस ने पकड़ा है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस की एक टीम एक युवक को लेकर उज्जैन जिले के महिदपुर की तरफ गई है। बताया जा रहा है कि जिन युवकों को पुलिस ने पकड़ा है उनमें से कुछ ने अपने मोबाइल रिसेट कर दिए है। पुलिस अपने स्तर पर जांच में जुटी।
प्रेम प्रसंग का मामला, उज्जैन ले जाकर मारा विवाद का कारण प्रेम-प्रसंग से जुड़ा है। लेकिन पुलिस अभी खुल कर नहीं बोल रही है। पुलिस के अधिकारी का कहना है कि लड़की से जुड़ा विवाद है। आलोट एसडीओपी पल्लवी गौर ने बताया शनिवार दोपहर युवक के लापता होने की जानकारी पुलिस को मिली थी। गुमशुदगी दर्ज करने के लिए पिता को बुलाकर बयान लिए। पिता ने तीन लोगों पर शंका जाहिर की थी। इसके बाद अपहरण का केस दर्ज किया। पिता ने शंका जाहिर कर मयंक उर्फ महेंद्र माली, रितेश माली व निलेश माली का नाम बताया था। इन तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि मयंक ने अपने चार साथियों रितेश माली, निलेश माली. यश व मुजफ्फर के साथ शराब पी। इसके बाद मयंक, रितेश व निलेश मनीष को उसके घर से लेकर गए। फिर मयंक अपने 4 साथियों के साथ मनीष को लेकर उज्जैन गया। वहां पर इन सभी ने मयंक के मकान पर शराब पी। इस दौरान लड़की के पुराने विवाद को लेकर इनकी कहासुनी हुई। इसके बाद मनीष को गला दबाकर मार दिया। घर पर ताला लगाकर सभी निकल आए। पांचों आरोपियों को राउंड अप कर लिया है। उज्जैन नील गंगा थाना प्रभारी तरुण कुरील ने आलोट पुलिस के साथ आरोपियों की निशानदेही पर हाटकेश्वर विहार में पहुंचे। घर का दरवाजा खोला तो जिस युवक का अपहरण हुआ था उसका शव मिला। शव को बरामद कर पीएम के लिए अस्पताल भिजवाया है। आलोट पुलिस घटनाक्रम की जांच कर रही है।
