Homeछत्तीसगढ़विदेशी फंडिंग से 'हर गांव में चर्च' का मिशन:6 महीने में छत्तीसगढ़...

विदेशी फंडिंग से ‘हर गांव में चर्च’ का मिशन:6 महीने में छत्तीसगढ़ आए 95 करोड़, बस्तर-धमतरी तक TTI के ट्रेनिंग मॉड्यूल की जांच

छत्तीसगढ़ में कथित धर्मांतरण, विदेशी फंडिंग और चर्च-प्लांटिंग नेटवर्क को लेकर जांच तेज हो गई है। कुछ दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में विदेशी डेबिट कार्ड्स के जरिए करोड़ों रुपए भारत लाने का खुलासा हुआ था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय मिशनरी संगठन द टिमोथी इनिशिएटिव (TTI) का नाम चर्चा में है। द टिमोथी इनिशिएटिव (TTI) एक अंतरराष्ट्रीय ईसाई मिशनरी संगठन है, जो दुनिया के हर गांव में चर्च स्थापित करने के उद्देश्य से काम करने का दावा करता है। पुलिस, ईडी और अन्य एजेंसियां राज्य में एक्टिव लोकल पास्टर नेटवर्क, ट्रेनिंग मॉड्यूल और फंडिंग ट्रेल की जांच कर रही हैं। बस्तर, धमतरी से राजनांदगांव तक अवैध धर्मांतरण से जुड़े मामलों से कनेक्शन की जांच की जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यहां इस्तेमाल किया गया मॉडल TTI के नेटवर्क जैसा है। वहीं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता तक सीमित नहीं है, ये राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है। भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि कांग्रेस इसलिए ED जांच से बचती थी। ग्रामीण इलाकों में आदिवासियों के बीच गतिविधियां फॉरेन फंडिंग से चलती थी। वहीं कांग्रेस ने कहा कि ये ट्रांजैक्शन भाजपा सरकार के समय हुए हैं। द टिमोथी इनिशिएटिव संगठन के बारे में जानिए द टिमोथी इनिशिएटिव (TTI) खुद को एक वैश्विक ईसाई मिशनरी संगठन बताता है, जिसका लक्ष्य ‘हर गांव में चर्च’ स्थापित करना है। संगठन के जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 2007 से अब तक 50 देशों में 2.68 लाख से ज्यादा चर्च स्थापित किए जा चुके हैं। लाखों लोगों को ‘डिसाइपल’ यानी अनुयायी बनाने का दावा किया गया है। भारत में इसके चर्चों और नेटवर्क की अलग से आधिकारिक संख्या सार्वजनिक नहीं है, लेकिन विभिन्न पार्टनर संस्थाओं की रिपोर्ट में उत्तर भारत में 3,000 से ज्यादा हाउस चर्च और दक्षिण भारत में 7,000 से ज्यादा चर्चों की जानकारी मिलती है। संगठन कैसे करता था ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार टीटीआई का मॉडल बाइबल की आयत 2 टिमोथी 2:2 पर आधारित बताया जाता है। इसमें एक ‘Paul’ मास्टर ट्रेनर, कई “Timothy” चर्च प्लांटर और “Titus” शिष्य तैयार करता है। यह मल्टी-लेयर नेटवर्क गांव-गांव तक पहुंचकर छोटे ‘हाउस चर्च’ और प्रेयर ग्रुप के जरिए विस्तार करता है। जांच एजेंसियों का मानना है कि अगर बैंक खातों, विदेशी कार्ड एग्जिट, सोशल मीडिया नेटवर्क, ट्रेनिंग मॉड्यूल और स्थानीय पास्टरों के संपर्कों का लिंक जुड़ता है तो बड़ा खुलासा हो सकता है। इस दिशा में एजेंसियां लगातार जांच कर रही है। ED के एक्शन से छत्तीसगढ़ में एक्टिव होने का इनपुट मिला छत्तीसगढ़ में इस नेटवर्क के एक्टिव होने के संकेत तब मिले, जब ED की हालिया रिपोर्ट में नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच विदेशी डेबिट कार्ड्स के जरिए करीब 95 करोड़ रुपए भारत में लाए जाने का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि इसमें से करीब 6.5 करोड़ रुपए केवल बस्तर और धमतरी जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से निकाले गए। एजेंसियों को शक है कि इस रकम का इस्तेमाल चर्च-प्लांटिंग, लोकल नेटवर्किंग और धर्म प्रचार गतिविधियों में किया गया हो सकता है। छत्तीसगढ़ के इन जिलों में धर्मांतरण-मतांतरण का केस ज्यादा छत्तीसगढ़ में लगातार धर्मांतण-मतांतरण को लेकर विवाद जारी है। बीते दिनों बस्तर में पादरी की भी पिटाई हुई। बीते तीन साल से हर संडे ईसाई-हिंदू संगठन प्रेयर करने के विवाद पर भिड़ रहे हैं। जशपुर, सरगुजा, रायगढ़, कबीरधाम, बिलासपुर, राजनांदगांव, कोंडागांव और नारायणपुर में धर्मांतरण-मतांतरण के मुद्दें पर लगातार विवाद जैसे स्थिति हो रही है। इन इलाकों में आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे ‘हाउस चर्च’, प्रेयर ग्रुप और लोकल पास्टर नेटवर्क के जरिए प्रचार-प्रसार किए जाने की शिकायतें समय-समय पर आती रही हैं। राजनांदगांव पुलिस ने धरमपुरा इलाके में की थी कार्रवाई राजनांदगांव पुलिस ने कुछ महीने पहले धर्मांतरण मामले में पास्टर डेविड चाको को अरेस्ट किया था। पुलिस को यहां कार्रवाई के दौरान नाबालिगों को आश्रय में रखने की जानकारी मिली थी। मौके से ट्रेनिंग मॉड्यूल, दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए। डेविड पर लोगों को पैसों का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने और बिना अनुमति के आश्रम चलाने का आरोप है। हालांकि, इस केस में TTI का नाम आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है, लेकिन एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यहां इस्तेमाल किया गया मॉडल TTI के नेटवर्क जैसा है। सामाजिक समरसता के लिए चिंता की बात- जूदेव बीजेपी नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि जिस प्रकार विदेशी फंडिंग के माध्यम से संगठित गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने के संकेत मिल रहे हैं। यह सामाजिक समरसता और परंपरागत मूल्यों के लिए चिंताजनक है। यह मुद्दा केवल विदेशी फंडिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि धर्मांतरण से भी जुड़ा हुआ है। कांग्रेस पार्टी इसलिए ED जांच से बचती थी- पांडेय BJP सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में भूपेश बघेल ने ED पर प्रतिबंध लगाया था। वो नहीं चाहते थे कि किसी भी मामले में जांच हो। सूरजुराम टेकाम से लेकर समेत कई नाम सामने आए हैं। कांग्रेस पार्टी इसलिए ED जांच से बचती थी। ग्रामीणों इलाकों में आदिवासियों के बीच गतिविधियां फॉरेन फंडिंग से चलती थी। नक्सलियों के बीच कांग्रेसियों का नेटवर्क था, आने वाले समय में और खुलासा होगा। बीजेपी के कार्यकाल में हुए ट्रांजैक्शन- कांग्रेस वहीं, छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि इस मामले में 2024-25 में पैसों का ट्रांजेक्शन हुआ है, इस समय भाजपा सरकार रही है। इसी दौरान धर्मांतरण के मामले भी बढ़ें। विदेशी नागरिकों की गतिविधियां बढ़ी। BJP बौखला कर कांग्रेस पर आरोप लगा रही है। सरकार को जवाब देना चाहिए। ………………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… छत्तीसगढ़ में ईसाई धर्म के प्रचार में विदेशी फंडिंग हुई: ED की जांच में खुलासा, 95 करोड़ भारत पहुंचा, बस्तर-धमतरी में 7 करोड़ खर्च हुए छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग के इस्तेमाल का बड़ा खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आया है कि अमेरिका से आए पैसों का इस्तेमाल बस्तर और धमतरी में ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए किया गया। पढ़ें पूरी खबर

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here