श्रवण यंत्र (हियरिंग एड) की गुणवत्ता और सेवा में कमी के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, इंदौर ने उपभोक्ता के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग की सदस्य डॉ. निधि बारंगे (इंदौर-एक) ने विपक्षी पक्ष को 73 हजार रुपए की पूरी राशि 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित लौटाने और अतिरिक्त क्षतिपूर्ति देने के निर्देश दिए हैं। प्रकरण के अनुसार, परिवादी ने चिकित्सकीय परामर्श और विक्रेता के आश्वासन पर 73 हजार रुपए में श्रवण यंत्र खरीदा था। आरोप है कि यंत्र कान में सही ढंग से फिट नहीं हुआ, जिससे उन्हें दर्द, असुविधा और मानसिक कष्ट का सामना करना पड़ा। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। विपक्षी पक्ष ने केवल सुधार का प्रयास किया, लेकिन यंत्र की फिटिंग और कार्यक्षमता में कमी बनी रही। परिवादी ने बाद में राशि वापस करने की मांग की, लेकिन निर्धारित समय में रकम नहीं लौटाई गई। इसके बाद मामला उपभोक्ता आयोग में पहुंचा। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों, शपथ-पत्रों और तर्कों के परीक्षण के बाद आयोग ने माना कि उपभोक्ता को अपेक्षित और संतोषजनक सेवा नहीं दी गई। आयोग ने इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत “सेवा में कमी” माना। अपने आदेश में आयोग ने विपक्षी पक्ष को निर्देश दिए हैं कि वह 45 दिनों के भीतर 73 हजार रुपए परिवाद दायर करने की तिथि से 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित लौटाए। साथ ही मानसिक और शारीरिक पीड़ा के लिए 5 हजार रुपए तथा वाद व्यय के रूप में 3 हजार रुपए का भुगतान भी करे।
