गुना शहर के कैंट इलाके में नाबालिग लड़की को जुगाड़ कहने के आरोपी को कोर्ट ने सजा सुनाई है। नाबालिग अपनी सहेली के साथ घर वापस लौट रही थी। इसी दौरान सामने खड़े आरोपी ने अपने दोस्तों से कहा था कि देखो मेरी जुगाड़ जा रही है। मामले में फैसला पॉक्सो मामलों की विशेष न्यायाधीश सोनाली शर्मा ने सुनाया। वहीं शासन की ओर से पैरवी ADPO ममता दीक्षित ने की। सहेली साथ घर जाते समय किया कमेंट
मामला वर्ष 2023 का है। कैंट इलाके में रहने वाली नाबालिग ने 21 नवंबर को अपने भाई के साथ थाने पर शिकायती आवेदन दिया था। इसमें उसने बताया था कि रात लगभग 9 बजे वह अपनी सहेली के साथ हनुमान मंदिर से अन्नकूट खाकर अपने घर आ रही थी। जैसे ही वह और उसकी सहेली मंदिर से थोड़ी दूर कैरियर कोचिंग के सामने पहुंचे, तभी पड़ोस में रहने वाला विशाल जाटव मिला और उसे देखकर अश्लील कमेंट किया। इस पर नाबालिग ने बोला कि क्या बोल रहा है। इतने में विशाल जाटव ने बुरी नियत से उसका हाथ पकड़ लिया। वह चिल्लाई तो विशाल भाग गया और जाते-जाते बोल रहा था कि मैं तुझे देख लूंगा। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया
नाबालिग की शिकायत पर कैंट पुलिस ने आरोपी विशाल जाटव के खिलाफ छेड़खानी, अश्लील कमेंट सहित पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चालान पेश किया। आरोपी बोला – ये मेरी जुगाड़ है कोर्ट में यह साबित नहीं हो पाया कि लड़की नाबालिग है। सुनवाई के दौरान उसके बयान लिए गए। बयानों में उसने बताया कि वह उसकी सहेली, उसकी मां और परिवार के लोग अन्नकूट खाकर वापस आ रहे थे। तब उसकी मां और परिवार के अन्य लोग आगे निकल गये थे। वह और उसकी सहेली पीछे रह गये थे। वह मंदिर से आ रही थी, तभी कैरियर कोचिंग सेंटर के पास आरोपी और उसके साथ अन्य चार-पांच लड़के खड़े थे। विशाल एक बाईक पर बैठा था और उसने अपने दोस्त से कहा कि देखो मेरी जुगाड़ जा रही है। तो उसने पूछा कि क्या बात है भईया आप मुझसे क्या बोल रहे हो। आरोपी और उसके दोस्त हंसने लगे और आरोपी ने उसका बांया हाथ पकड़ लिया। उसने आरोपी को थप्पड़ मारने की कोशिश की, परंतु आरोपी ने उसका हाथ पकड़ लिया। वह वापस घर आ गई और उसने बात सबसे पहले आकर अपने भाई को बताई, उसके बाद अपनी मां को बताई। कोर्ट बंद होने तक वहीं बैठने की सजा सुनवाई के दौरान कोर्ट में यह साबित हुआ कि आरोपी ने लड़की को देखकर कहा था कि यह मेरी जुगाड़ है। इसी शब्द पर कोर्ट ने अपना पूरा फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपी विशाल जाटव(22) पुत्र रामप्रसाद जाटव निवासी गुलाबगंज को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई। साथ ही उस पर ढाई हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने कहा कि वर्तमान परिवेश में बालकों के प्रति इस तरह के अपराधों में निरंतर वृद्धि होती जा रही है, जिन पर नियंत्रण करना आवश्यक है। ADPO ममता दीक्षित ने बताया कि न्यायालय ने पीड़िता के कथनों को विश्वसनीय माना कि शब्द निश्चित ही इस प्रकार के थे कि इन्हें सामान्यतः नहीं लिया जा सकता था। वर्तमान समय में जिस प्रकार से अपराध बढ़ रहे हैं, वहां तो कतई इस प्रकार के शब्दों को सामान्य रूप से नहीं लिया जा सकता। ये निर्णय बेहद अच्छा है और समाज में इसका यह संदेश जा रहा है कि किसी भी छोटी बात को कहने पर भी अपराधिक दायित्व बनता है और उस व्यक्ति को दंडित किया जा सकता है।
