अनूपपुर जिले के कुसुमहाई गांव में गुरुवार सुबह एक जंगली हाथी के हमले में एक युवती जानकी कोल (23) की मौत हो गई। घटना तब हुई जब युवती मां के साथ खेत में सब्जी तोड़ने जा रही थी। घटना सुबह करीब 5:30 बजे की है। युवती अपनी मां गुजरिया बाई के साथ खेत की ओर जा रही थीं। ग्रामीण सुखदेव पटेल के अनुसार, रास्ते में अचानक पीछे से एक जंगली हाथी आ गया। मां ने बेटी को भागने के लिए चिल्लाया, लेकिन युवती जैसे ही पीछे मुड़ी और हाथी ने उसे सूंड से पकड़कर जमीन पर पटक दिया। हाथी के दूर भागने के बाद, स्थानीय ग्रामीणों ने युवती को तुरंत बाइक से जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। विभाग से परिजनों की आर्थिक मदद की घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। विभाग ने तत्काल 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की। जानकी के पिता रामावतार कोल घटना के समय एक रिश्तेदार की शादी में राजेंद्रग्राम गए हुए थे और सूचना मिलने पर सीधे अस्पताल पहुंचे। परिजनों के अनुसार, परिवार का गुजारा मजदूरी पर निर्भर है। जानकी के माता-पिता दोनों मजदूरी करते हैं। परिवार में पांच बहनें और एक भाई है, जिनमें से चार बहनों की शादी हो चुकी है। जानकी और उसका भाई चंदन कोल अविवाहित थे। बुधवार को नाबालिग पर किया था हमला वन विभाग अनूपपुर प्रशिक्षु रेंजर गौरव दुबे ने बताया की यह वही हाथी है जो बुधवार की रात 8.30 बजे सिंदूरी गांव में बारात देखने जा रहे नाबालिग संजय चौधरी पर हमला कर घायल कर दिया था। उल्लेखनीय है कि अनूपपुर वन मंडल में वर्तमान में 5 हाथी अलग अलग समूह में विचरण कर रहा है। नाबालिग ने झाड़ी में छिपकर जान बचाई। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल अनूपपुर में भर्ती कराया गया है। संजय चौधरी अपने दोस्त दीपक कौशिक के साथ सिंदूरी गांव की बस्ती में एक शादी समारोह की बारात देखने जा रहा था। रात करीब 8:30 बजे सिंदूरी गांव से बस्ती के बीच आम के बगीचे से गुजरते समय अचानक एक हाथी सामने आ गया। नाबालिग ने झाड़ी में छिपकर बचाई जान हाथी झाड़ी के पास पहुंचा और संजय को कुचलने का प्रयास किया। संजय चौधरी के अनुसार, हाथी ने उसके पैर को दो-तीन बार कुचलने की कोशिश की, लेकिन घनी झाड़ियों के कारण उसे गंभीर चोट नहीं आई। इसके बाद हाथी दूसरी ओर चला गया। जिसमें एकल दो दांतों वाला हाथी जो मारवाही छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा पर अनूपपुर वन क्षेत्र में प्रवेश से पूर्व एक वृद्ध को जो महुआ बीन रहा था पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। अनूपपुर में भी इस हाथी ने अबतक पांच पर हमला कर दो को मौत के घाट उतार चुका है, जबिक तीन को घायल कर दिया है। दोस्त ने घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया कुछ देर झाड़ियों में छिपे रहने के बाद संजय बाहर निकला और लड़खड़ाते हुए अपने दोस्त को घटना की जानकारी दी। दोस्त ने ग्रामीणों और हाथी गश्ती दल को सूचित किया, जिसके बाद घायल संजय को जिला अस्पताल अनूपपुर में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल नाबालिग को कोई गंभीर चोट नहीं है और उसका इलाज जारी है। इससे पहले 26 अप्रैल को भोलगढ़ के जंगल में महिला प्रेमवती पाव को कुचलकर मार डाला था, जबकि उनके पति रामानुज पाव और 6 वर्षीय दीपक पाव को घायल कर दिया था। घटना के बाद वन विभाग का अमला सिंदूरी सहित आसपास के गांव अमगवां, छुलहा, मौहरी, गुआरी सहित अन्य क्षेत्रों में अलर्ट जारी करते हुए लगातार गश्त कर रहा है।
