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बालाघाट में रेत माफिया के खिलाफ SP का ‘ड्रोन प्लान’:थाने के TI को भी नहीं बताया, साइबर सेल की मदद से पकड़े 7 ट्रैक्टर-ट्राली

बालाघाट पुलिस ने ड्रोन की मदद से बैनगंगा नदी के गोंगलईघाट में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस एक्शन प्लान को इतना गुप्त रखा गया कि थाने के टीआई को भी इसकी भनक नहीं लगी। नतीजा यह हुआ कि पुलिस ने रेत से भरे सात ट्रैक्टर-ट्राली जब्त किए हैं। पूरा प्लान, एसपी आदित्य मिश्रा ने तैयार किया था। शनिवार सुबह करीब सात बजे से शुरू हुई ये कार्रवाई दोपहर एक बजे तक चली। पुलिस टीम को देखकर चालक, वाहनों को खड़ा कर भाग निकले। जिसके बाद पुलिसकर्मी ही सातों ट्रैक्टर-ट्राली चलाते हुए कोतवाली थाने पहुंचे। पुलिस अब बिना नंबर के वाहन मालिकों और चालकों का पता कर प्रकरण तैयार कर रही है। ड्रोन से रखी नजर शनिवार तड़के पुलिस को अवैध उत्खनन की जानकारी मिलने के बाद एक एक्शन प्लान तैयार किया गया। पहले ड्रोन के माध्यम से उत्खनन और परिवहन की निगरानी की गई। इसके बाद, अलग-अलग छह टीमें गठित कर एक साथ बैनगंगा नदी के गोंगलईघाट पर छापा मारा गया। साइबर सेल की ली मदद
एसपी के निर्देश पर रेत माफिया पर कार्रवाई के लिए निरीक्षक कामेश धूमकेती के नेतृत्व में छह टीम बनाई गईं। इनमें अलग-अलग थानों के सब इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और आरक्षक शामिल किए गए। इन टीमों में साइबर सेल के चुनिंदा आरक्षकों की विशेष तौर पर शामिल किया गया। हर टीम में 10 लोग शामिल किए गए। एसपी ने बनाया खास प्लान एसपी अभिषेक मिश्रा ने कार्रवाई से पहले हथियारों से लैस टीमों को ये नहीं बताया कि उन्हें कहां और क्या करना है। इसके बाद निरीक्षक कामेश धूमकेती को निर्देश दिए। धूमकेती ने रेतघाट से बाहर निकलने वाले सभी कट पाईंट पर अलग-अलग टीम को तैनात कर दिया। इसके बाद ड्रोन की मदद से अवैध उत्खनन पर नजर रखी। जैसे ही तस्करों ने नदी से रेत लोड करना शुरू किया। ड्रोन से लोकेशन लेने के बाद तकरीबन 12 पुलिसकर्मियों ने एक साथ रेतघाट पर छापा मारा। वाहन छोड़कर भागे पुलिस को देखते ही सातों ट्रैक्टर चालक और मजदूर मौके से भाग गए। जब्ती की कार्रवाई करने के बाद पुलिसवाले खुद ट्रैक्टर-ट्राली लेकर थाने पहुंचे। खास बात यह है कि कोतवाली थाना क्षेत्र में हुए एक्शन की जानकारी कोतवाली पुलिस को लगी। करोड़ों रुपए का अवैध कारोबार
बालाघाट जिले में रेत का करोड़ों रुपए का अवैध कारोबार होता है। वैनगंगा, बाघ, चनई और अन्य सहायक नदियों के साथ-साथ वनक्षेत्रों से भी रेत के अवैध परिवहन की खबरें अक्सर सामने आती हैं। बालाघाट की रेत अपनी गुणवत्ता के कारण प्रदेश के अन्य जिलों और महाराष्ट्र में भी काफी मांग में रहती है। वर्तमान में जिले में रेत खनन का कोई ठेका नहीं है, इसके बावजूद बड़े पैमाने पर अवैध खनन और परिवहन जारी है।
सुप्रीमकोर्ट जता चुका है चिंता
गौरतलब है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने चंबल नदी में अवैध रेत खनन को रोकने में विफल रहने पर प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि यदि अवैध उत्खनन नहीं रुका तो अर्द्धसैनिक बल तैनात किए जाएंगे।

शनिवार को लगभग सात घंटे तक चली इस कार्रवाई में पुलिस ने सात ट्रैक्टर ट्रॉलियों को जब्त किया। यह कार्रवाई की गई। पुलिस को अवैध उत्खनन की जानकारी मिलने के बाद एक एक्शन प्लान तैयार किया गया। पहले ड्रोन के माध्यम से उत्खनन और परिवहन की निगरानी की गई। इसके बाद, अलग-अलग छह टीमें गठित कर एक साथ गोंगलईघाट पर छापा मारा गया। बालाघाट जिले में रेत का करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार होता है। वैनगंगा, बाघ, चनई और अन्य सहायक नदियों के साथ-साथ वनक्षेत्रों से भी रेत के अवैध परिवहन की खबरें अक्सर सामने आती हैं। बालाघाट की रेत अपनी गुणवत्ता के कारण प्रदेश के अन्य जिलों और महाराष्ट्र में भी काफी मांग में रहती है। वर्तमान में जिले में रेत खनन का कोई ठेका नहीं है, इसके बावजूद बड़े पैमाने पर अवैध खनन और परिवहन जारी है। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, मुख्यालय से लगे गोंगलईघाट में लंबे समय से अवैध उत्खनन और परिवहन चल रहा था। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या खनिज विभाग को इसकी जानकारी नहीं थी, या जानकर भी कार्रवाई नहीं की जा रही थी। गौरतलब है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने चंबल नदी में अवैध रेत खनन को रोकने में विफल रहने पर प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि यदि अवैध उत्खनन नहीं रुका तो अर्द्धसैनिक बल तैनात किए जाएंगे।

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