पांच लोगों पर थार चढ़ाने की घटना में पहले ‘जनता सर्वोपरि’ कहकर बेटे दिनेश पर कार्रवाई की मांग करने वाले पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी अब पुलिस कार्रवाई पर ही भड़क गए हैं। केस दर्ज होने और पूछताछ के बाद उनका रुख बदल गया है और वे बेटे के समर्थन में खुलकर उतर आए हैं। घटना वाले दिन विधायक ने खुद टीआई और एसपी को फोन कर बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। गाड़ी और बेटे को भी पुलिस के पास भिजवाया। लेकिन जैसे ही पुलिस ने आगे कार्रवाई बढ़ाई, विधायक ने एसडीओपी करैरा और आईपीएस अधिकारी आयुष जाखड़ को खुली चुनौती दे डाली। विधायक ने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘वो (बेटा) करैरा आएगा भी और चुनाव भी लड़ेगा, अगर तेरे डैडी में दम है तो रोक लेना। मेरा इतिहास पता कर लें।’ उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिन में एसडीओपी स्पष्टीकरण नहीं देते, तो 5 से 10 हजार लोगों को लेकर उनके बंगले का घेराव करेंगे और उसे गोबर से भरवा देंगे। दरअसल, पुलिस द्वारा उनके बेटे से कही गई ‘यहां दिख मत जाना’ और ‘करैरा से चुनाव नहीं लड़ना’ जैसी बातों को लेकर विधायक नाराज हैं। इसी को लेकर विधायक ने वीडियो जारी कर कहा कि हमने खुद टीआई और एसपी को फोन कर बेटे पर कायमी करवाई, गाड़ी और बेटे को भी पुलिस के पास भेजा। लेकिन एसडीओपी की बात हमारे गले नहीं उतर रही। विधायक ने यह भी कहा- ‘मेरा मुक्का पहले ढाई किलो का था, अब ढाई सौ किलो का हो गया है। एसडीओपी को चैन से नहीं बैठने दूंगा।’ ये है विधायक की ‘हिस्ट्री’ चुनावी हलफनामे में 8 केस, दर्ज केस 35, इंटरव्यू में खुद 65 बताए इधर, एसडीओपी ने कहा- विधायक पुत्र को करैरा में नहीं दिखना और चुनाव नहीं लड़ने जैसा मैंने कुछ भी नहीं बोला है। मैं कौन होता हूं, किसी को रोकने वाला। ऐसा कुछ नहीं हुआ।
