अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा में शासकीय राशि के हेरफेर के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। 18 करोड़ रुपए के शिक्षा विभाग घोटाले के बाद अब आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था में भी बड़ा गबन उजागर हुआ है। रविवार देर शाम कट्ठीवाड़ा थाने में तीन अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ 3.99 करोड़ रुपए के गबन का प्रकरण दर्ज किया गया। यह मामला आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था से संबंधित है। जिन तीन अधिकारियों-कर्मचारियों पर प्रकरण दर्ज किया गया है, उनमें निर्भय सिंह तोमर, गिरधारी लाल राठौड़ और रमेश भूरिया शामिल हैं। उदय सिंह चौहान द्वारा कट्ठीवाड़ा थाने में दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर यह कार्रवाई की गई। आरोपियों के पद जांच में पाया गया कि गिरधारी लाल राठौड़ (तत्कालीन शाखा प्रबंधक आमखुट, संस्था प्रबंधक और शाखा पर्यवेक्षक), रमेश भूरिया (समिति प्रबंधक, केवड़ा निवासी) और निर्भय सिंह तोमर (तत्कालीन शाखा प्रबंधक कट्ठीवाड़ा, बड़ी सर्दी निवासी) ने अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने कुल 3,99,05,661 रुपए की सरकारी राशि का गबन किया। सीबीएस सिस्टम में फर्जी आईडी गलत एंट्री आरोपियों ने बैंक के सीबीएस सिस्टम में फर्जी आईडी के माध्यम से गलत प्रविष्टियां कीं। उन्होंने किसानों की निर्धारित ऋण सीमा से अधिक राशि का वितरण दर्शाया और किसानों द्वारा जमा की गई ऋण राशि को उनके खातों में जमा नहीं किया, जिससे वित्तीय अनियमितताएं हुईं। पुलिस ने शिकायत और चार्टर्ड अकाउंटेंट की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए तत्कालीन अधिकारियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 409 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। कट्ठीवाड़ा पुलिस ने इस गंभीर आर्थिक अपराध की विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है। उप-निरीक्षक लालू सिंह भूरिया को इस प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कार्रवाई जिला प्रशासन और बैंक मुख्यालय के निर्देशों के बाद की गई है।
