आसाराम तिराहा से रत्नागिरी तिराहा तक 16.439 किंमी लंबे अयोध्या बायपास को 4-लेन से बढ़ाकर सर्विस रोड सहित 10-लेन करने के 836 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट की कानूनी बाधाएं पूरी तरह खत्म हो गई हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) प्रिंसिपल बेंच ने पेड़ कटाई के खिलाफ दायर याचिका का अंतिम निपटारा करते हुए प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। हालांकि, ट्रिब्यूनल ने भोपाल की हरियाली बचाने के लिए इस बार बेहद सख्त शर्तें लगाई हैं। एनजीटी ने स्पष्ट किया है कि यदि क्षतिपूर्ति पौधरोपण और वनीकरण में लापरवाही हुई तो सीधे कॉन्ट्रैक्टर का भुगतान रोका जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत कटने वाले 7,871 पेड़ों के बदले 80 हजार पौधे लगाए जाएंगे। पहले 9,888 पेड़ काटने का प्रस्ताव था, लेकिन डिवाइडर की चौड़ाई कम करने समेत अन्य बदलावों के बाद संख्या घटाई गई। एनएचएआई और कॉन्ट्रैक्टर के बीच हुए एग्रीमेंट के अनुसार पौधों को जीवित रखने की जिम्मेदारी कॉन्ट्रैक्टर की होगी और भुगतान भी सरवाइवल रेट से जुड़ा रहेगा। पहले वर्ष 90% पौधों का जीवित रहना अनिवार्य होगा। यहां लगाए जाने वाले हर पौधे की जियो-टैगिंग की जाएगी। अगले 15 वर्षों तक ड्रोन वीडियोग्राफी और सैटेलाइट इमेजरी के जरिए उनकी निगरानी होगी। वन विभाग, नगर निगम, हॉर्टिकल्चर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त तकनीकी समिति इसकी मॉनिटरिंग करेगी। 90% पौधों का जीवित रहना अनिवार्य, वर्ना कार्रवाई कहां लगेंगे पौधे पाम ट्री पर रोक, 6 फीट से छोटे पौधे नहीं लगेंगे एनजीटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि 6 फीट से छोटे पौधे नहीं लगाए जाएंगे। मानसून शुरू होते ही सभी पौधों का रोपण शुरू किया जाएगा। केवल स्थानीय और छायादार प्रजातियां जैसे पीपल, नीम, अर्जुन, शीशम, करंज और बबूल लगाने की अनुमति होगी। पाम ट्री जैसी विदेशी प्रजातियों पर रोक रहेगी। ट्रिब्यूनल ने एनएचएआई को आदमपुर छावनी खंती के कचरे का उपयोग सड़क निर्माण में करने के निर्देश भी दिए हैं।
क्यों जरूरी है प्रोजेक्ट… 4-लेन बायपास पर रोज 42,748 पीसीयू ट्रैफिक गुजर रहा है, जबकि क्षमता 40 हजार पीसीयू की है। 2030 तक ट्रैफिक 67,288 पीसीयू पहुंचने का अनुमान है। प्रोजेक्ट में पीपुल्स मॉल, बेस्ट प्राइस और र|ागिरी तिराहा जैसे ब्लैक स्पॉट्स पर फ्लाईओवर और ग्रेड सेपरेटर बनेंगे।
