मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में अगरबत्ती फैक्ट्री में बंधक बनाकर दो बहनों से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। एक युवक उन्हें बहलाकर बाइक से वहां ले गया और अपने दो साथियों के हवाले कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें एक घर ले जाकर भी वारदात को अंजाम दिया। मामला नामली क्षेत्र का है। घटना 25 मार्च की रात की है। शुक्रवार को परिजन के साथ नाबालिग और युवती थाने पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने राजवीर कुमावत, सुमित जाट और पवन जाट के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। कार्यक्रम से बहलाकर ले गया युवक
15 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि वह अपनी चचेरी बहन के साथ एक रिश्तेदार के यहां कार्यक्रम में गई थी। रात करीब 9:30 बजे दोनों घर के बाहर बैठी थीं। इसी दौरान राजवीर कुमावत बाइक लेकर वहां पहुंचा। आरोपी ने पीड़िता से कहा कि वह उससे 10 मिनट बात करना चाहता है और साथ चलने को कहा। इसके बाद वह दोनों को बाइक पर बैठाकर अगरबत्ती फैक्ट्री ले गया, जहां उसके दोनों साथी पहले से मौजूद थे। फैक्ट्री में बंद कर अलग-अलग कमरों में दुष्कर्म पीड़िता के अनुसार, वहां पहुंचने के बाद राजवीर उन्हें अंदर छोड़कर बाहर से दरवाजा बंद कर चला गया। इसके बाद सुमित जाट उसे कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देगा। वारदात के बाद जब बड़ी बहन बाहर निकली, तो उसकी चचेरी बहन मिली, जिसने बताया कि पवन जाट ने उसके साथ भी दुष्कर्म किया। इसके बाद दोनों को बाइक से एक घर ले जाया गया, जहां सुमित ने एक और पवन ने दूसरी युवती के साथ फिर दुष्कर्म किया। डर के कारण चुप रहीं, बाद में परिजन को बताया घटना के बाद दोनों रिश्तेदार के यहां लौट गईं, लेकिन डर के कारण तुरंत किसी को कुछ नहीं बताया। शुक्रवार रात उन्होंने परिजन को पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिजन उन्हें थाने लेकर पहुंचे, जहां मामला दर्ज कराया गया। पुलिस जांच में संचालक की भूमिका भी संदेह में
शनिवार को एसडीओपी किशोर पाटनवाला और नामली थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। वारदात स्थल नौगावां-पल्दूना रोड पर स्थित फैक्ट्री है, जो नामली निवासी देव सोनावा की बताई जा रही है। पुलिस फैक्ट्री संचालक की भूमिका की भी जांच कर रही है। तीनों आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। …………………………….. यह खबर भी पढ़ें भोपाल में हाथ-पैर बांधकर चार लोगों ने किया था गैंगरेप 31 अक्टूबर 2017 की रात करीब साढ़े दस बजे, आरपीएफ थाने में तैनात पुलिसकर्मियों के सामने एक युवती बदहवास हालत में पहुंची। उसके कपड़े फटे हुए थे, कीचड़ से सने थे और चेहरा खौफ से भरा था। वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी। पढ़ें पूरी खबर…
