इंदौर क्राइम ब्रांच ने वेलनेस सेंटर की फ्रैंचाइजी देने के नाम पर 1.20 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच ने नई दिल्ली से कंपनी के दो शातिर डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है, जबकि दो डॉक्टरों की तलाश जारी है। आरोपी डॉ. हरोर्स एस्थेटिक प्राइवेट लिमिडेट कंपनी बनाकर फ्रैंचाइजी के नाम पर बड़ा नेटवर्क चलाते थे। वेलनेस सेंटर खोलने के लिए दिए थे रुपए डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 26 मई को क्राइम ब्रांच में सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला रितु मेहता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि नई दिल्ली की कंपनी डॉ.हरोर्स एस्थेटिक प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों द्वारा वेलनेस सेंटर खोलने की फ्रैंचाइजी देने के नाम पर उनसे 1.20 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने एक स्पेशल टीम बनाई और कार्रवाई करते हुए उन्हें नई दिल्ली रवाना किया, जिसके बाद टीम ने आरोपियों की जानकारी निकाली और उनके ठिकानों पर दबिश दी। दो आरोपियों को किया गिरफ्तार डीसीपी ने बताया कि मामले में टीम ने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी और घेराबंदी करते हुए मामले से जुड़े दो मुख्य आरोपियों (डायरेक्टरों) को गिरफ्तार कर लिया। पकड़ाए आरोपियों में देबदुलाल बनर्जी (48) निवासी सुपरटेक केपटाउन, सेक्टर-74 नोएडा और राहुल सावेल (39) निवासी नवादा, उत्तम नगर, नई दिल्ली है। मामले में डॉक्टर दंपत्ति नवनीत और विनीता की तलाश की जा रही है। पकड़ाए दोनों आरोपियों से गिरोह के अन्य सदस्यों और फरार डॉक्टरों के संबंध में सख्ती से पूछताछ की जा रही है और अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
