Homeमध्यप्रदेशहरदीप पुरी के सामने चुनाव लड़ने विधायक खोज रहे सायन्ना:5 लोकसभा, 8...

हरदीप पुरी के सामने चुनाव लड़ने विधायक खोज रहे सायन्ना:5 लोकसभा, 8 विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं हैदराबाद के कांते, भोपाल आकर लिया नामांकन फॉर्म

मध्यप्रदेश में राज्यसभा की एक सीट के उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अलावा तेलंगाना के एक ऐसे शख्स ने भी दावेदारी की तैयारी की है, जो 50 से ज्यादा चुनाव लड़ चुका है। नाम है कांते सयन्ना। लोकसभा, विधानसभा, विधान परिषद से लेकर राज्यसभा और उपराष्ट्रपति पद तक के चुनाव में किस्मत आजमा चुके सयन्ना अब मध्यप्रदेश से राज्यसभा पहुंचना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने विधानसभा से नामांकन फॉर्म लिया है। हालांकि, निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के लिए जरूरी 10 विधायकों के प्रस्तावकों के हस्ताक्षर जुटाना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है। तेलंगाना के हैदराबाद से भोपाल पहुंचे सयन्ना ने बातचीत में बताया कि वे अब तक पांच बार लोकसभा, आठ बार विधानसभा और छह बार विधान परिषद का चुनाव लड़ चुके हैं। इसके अलावा 10 से 12 बार राज्यसभा के लिए भी प्रयास कर चुके हैं। उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में भी अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। उनका कहना है कि वे किसी एक राजनीतिक दल से बंधे नहीं हैं और चुनाव लड़ने का खर्च खुद उठाते हैं। पहले भी प्रस्तावकों के हस्ताक्षर नहीं मिलने से अटकी थी उम्मीदवारी सयन्ना ने बताया कि राज्यसभा चुनाव के लिए वे अपने दस्तावेज और शपथ-पत्र लेकर आए हैं। नामांकन के लिए 10 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर जरूरी हैं। उनका आरोप है कि मध्यप्रदेश में कुछ विधायक हस्ताक्षर करने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। पार्टी नेताओं को डर है कि उनके हस्ताक्षर करने से राजनीतिक मुश्किल खड़ी हो सकती है। कुछ विधायकों ने समर्थन देने की बात कही है। उन्होंने सोमवार तक हस्ताक्षर जुटाकर नामांकन की प्रक्रिया पूरी करने की उम्मीद जताई है। दिलचस्प यह है कि इसी साल मार्च में तेलंगाना की दो राज्यसभा सीटों के चुनाव में भी कांते सयन्ना निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर सामने आए थे। उस समय भी उन्होंने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन 10 विधायकों के प्रस्तावकों का समर्थन नहीं होने के कारण उनका नामांकन जांच में निरस्त होने की आशंका जताई गई थी। यानी मध्यप्रदेश में भी उनके सामने वही पुरानी चुनौती है। 2018 में केसीआर के खिलाफ चुनाव लड़ने का दावा सयन्ना ने 2018 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि उस चुनाव में वे तीसरे स्थान पर रहे थे। उनके मुताबिक, केसीआर पहले और वंटेरू प्रताप रेड्डी दूसरे स्थान पर थे। उन्होंने बताया कि वे अलग-अलग राज्यों में लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। उनका चुनाव प्रचार भी अपने स्तर पर होता है। पार्टी के बी-फॉर्म के बजाय जनता के समर्थन पर जोर सयन्ना का कहना है कि देश की राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है। अभी राजनीतिक दलों के बी-फॉर्म और पार्टी व्यवस्था का प्रभाव ज्यादा है, जबकि लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि देश में पार्टी पर निर्भर राजनीतिक व्यवस्था के बजाय स्वतंत्र राजनीतिक व्यवस्था विकसित हो। इसके लिए उन्होंने काफी पढ़ाई और लेखन भी किया है। उनका मानना है कि एक दिन जनता को उनकी बात समझ आएगी और राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव होगा।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here