मध्य प्रदेश सरकार ड्रॉपआउट विद्यार्थियों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने के लिए ‘शिक्षा घर योजना’ शुरू करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को इस योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। अब स्कूल शिक्षा विभाग इसी सत्र से योजना को लागू करने की तैयारी करेगा। यह फैसला मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा बैठक में लिया गया। कक्षा 8 के बाद पढ़ाई छोड़ने वालों को मिलेगा लाभ अधिकारियों ने बैठक में बताया कि योजना का लाभ उन किशोर-किशोरियों और युवक-युवतियों को मिलेगा, जिन्होंने कक्षा 8 या उससे आगे की पढ़ाई के दौरान अनुत्तीर्ण होने पर पढ़ाई छोड़ दी थी। योजना के जरिए ऐसे विद्यार्थियों को फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। ड्रॉपआउट दर कम करने पर रहेगा फोकस सरकार का उद्देश्य स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों की संख्या कम करना है। योजना लागू होने से शिक्षा से दूर हुए विद्यार्थियों को दोबारा पढ़ाई का अवसर मिलेगा। पाठ्यक्रम में शामिल होगी सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने पाठ्यक्रम से जुड़ी प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा। घोषणाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने विभागीय घोषणाओं का जल्द पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध कार्ययोजना बनाने को कहा। वहीं, स्कूल भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने जिलों में आंशिक रूप से जर्जर स्कूलों की तत्काल मरम्मत कराने को कहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षण व्यवस्था प्राथमिकता है। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग की 14 योजनाओं को जारी रखने की सहमति दी। अधिकारियों को इनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए गए।
