बालाघाट के लांजी क्षेत्र के नीमटोला निवासी विलास चौरे के घर गुरुवार तड़के EOW जबलपुर की टीम ने छापा मारा। चौरे मनेरी सेवा सहकारी समिति में प्रभारी प्रबंधक के पद पर काम कर रहे हैं। EOW के मुताबिक, करीब 12 साल की नौकरी में उनकी आय लगभग 25 लाख रुपए है। वहीं जांच में सामने आई संपत्तियां उनकी ज्ञात आय की तुलना में करीब 500 गुना अधिक हैं। कार्रवाई में टीम को वाहनों, जमीन, मकान, बैंक खातों, बीमा पॉलिसी, सोने और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। वे घर में जिम खोलने वाले थे। इसके लिए 10 लाख रुपए के इक्विपमेंट भी खरीदकर रखे थे। दो करोड़ के वाहन, पत्नी के नाम पर ट्रैवल्स का काम EOW के DSP मंजीत सिंह के मुताबिक, चौरे के पास मिले वाहनों की कुल कीमत करीब 2 करोड़ रुपए है। इनमें पांच बसें शामिल हैं। चार 50 सीटर बस और एक ट्रैवलर बस है। इसके अलावा दो बोलेरो, एक ग्रैंड विटारा, एक स्कॉर्पियो और दो ट्रैक्टर मिले हैं। दोनों ट्रैक्टर खेती के लिए किराए पर चलाए जाते थे। चौरे पत्नी के नाम से टूर एंड ट्रैवल्स का काम भी कर रहे थे। ‘मातोश्री’ नाम से बालाघाट से हैदराबाद रूट पर तीन बसों के संचालन की जानकारी भी सामने आई है। 50 लाख का मकान, 10 लाख की कृषि जमीन EOW के अनुसार, चौरे ने साल 2016 में लांजी में मकान बनाया था। इसमें करीब 50 लाख रुपए का निर्माण कराया गया था। करीब छह महीने पहले पास के गांव में 10 लाख रुपए की कृषि भूमि खरीदी थी। घर में 5 लाख रुपए का सोना मिला है। पत्नी, बेटे और ट्रैवल्स के नाम से जिला सहकारी बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में खाते मिले हैं। इन खातों पर रोक लगा दी गई है। एलआईसी की चार पॉलिसियां भी मिली हैं। 2014 में दैनिक वेतन भोगी के रूप में पदस्थ हुए थे DSP मंजीत सिंह ने बताया कि विलास चौरे वर्ष 2014 में सेवा सहकारी समिति में दैनिक वेतन भोगी के रूप में पदस्थ हुए थे। वर्तमान में वे प्रभारी प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं। करीब 12 साल की नौकरी में उनकी आय लगभग 25 लाख रुपए बताई गई है। EOW ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच जारी DSP के मुताबिक, बैंक खातों में जमा राशि और अन्य वित्तीय जानकारी जुटाने के लिए संबंधित बैंकों को पत्र भेजे गए हैं। संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। EOW की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति की विस्तृत स्थिति स्पष्ट होगी। विलास चौरे के परिवार के नाम कृषि यंत्र बेचने का व्यवसाय भी बताया गया है। EOW टीम इससे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। चौरे बोले- जलन की भावना से शिकायत की गई विलास चौरे ने कहा कि EOW की टीम ने उनके निवास पर कार्रवाई की, जिसमें उन्होंने टीम का पूरा सहयोग किया। उनके मुताबिक शिकायत जलन की भावना से की गई है। उनकी छवि धूमिल करने की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि अगर जांच में वे गलत पाए जाते हैं तो कार्रवाई के लिए तैयार हैं। टीम ने सभी दस्तावेजों की जांच की। 15 दिन में जिले में EOW की दूसरी बड़ी कार्रवाई बालाघाट जिले में करीब एक पखवाड़े के भीतर EOW की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 3 सितंबर को EOW ने बालाघाट के PIU-E कमलकिशोर सिंगारे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की थी। EOW के मुताबिक, जांच में उनकी आय से 378 प्रतिशत अधिक, करीब 11 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति मिलने की बात सामने आई थी। इसमें नकदी के साथ पत्नी और बेटों के नाम पर संपत्तियां मिलने की जानकारी दी गई थी।
