बड़वानी जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना अब विवादों में घिर गए हैं। एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों का मामला अभी थमा भी नहीं था कि अब उनकी पत्नी डॉ. ऋतु खन्ना ने उन पर कई आरोप लगाए हैं। डॉ. ऋतु खन्ना भी जिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ के पद पर हैं। डॉ. ऋतु खन्ना ने सोमवार शाम मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि डॉ. खन्ना ने शादीशुदा होने के बावजूद एक और महिला से शादी कर ली है। वे उस महिला को सरकारी क्वार्टर में रख रहे हैं। पीड़िता के अनुसार, डॉ. खन्ना ने समग्र आईडी में भी उस महिला का नाम दर्ज कराया है। इसके अलावा, उन्होंने सिविल सर्जन पर दूसरी महिलाओं से संबंध रखने का भी आरोप लगाया। डॉ. ऋतु खन्ना ने कहा कि डॉ. खन्ना अपने पद का गलत इस्तेमाल कर कर्मचारियों पर दबाव बनाकर अपने पक्ष में ज्ञापन भी दिलवा रहे हैं। बेटियों को लेकर अलग रह रहे पति डॉ. ऋतु खन्ना ने बताया कि उनकी शादी 2014 में हुई थी। आज शादी को 12 साल हो चुके हैं। उनकी पहली बेटी करीब 11 साल की है और दूसरी बेटी साढ़े तीन साल की है। उनकी दो बेटियां हैं और वे उन्हें लेकर अलग रह रही हैं। डॉ. ऋतु खन्ना ने यह भी बताया कि उन्होंने मारपीट और दूसरे मामलों को लेकर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, उनका आरोप है कि डॉ. खन्ना के पद के असर के कारण पुलिस ने मामला कमजोर कर दिया और हल्की धाराओं में केस दर्ज किया। रिपोर्ट मिलने पर होगी कार्रवाई दूसरी ओर फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर पुलिस का कहना है कि POSH एक्ट के तहत आंतरिक समिति की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकारी सेवा नियमों के अनुसार, कोई भी सरकारी कर्मचारी पहली पत्नी के जीवित रहते और बिना कानूनी तलाक या सरकार की अनुमति के दूसरी शादी नहीं कर सकता। ऐसा करना सेवा नियमों का बड़ा उल्लंघन माना जाता है। आरोप नकारे, बोले- नहीं की दूसरी शादी सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना ने आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि समग्र आईडी को लेकर उनकी पत्नी ने जो बयान दिया है, वह गलत है। उनके पास असली समग्र आईडी के दस्तावेज हैं। डॉ. खन्ना ने यह भी कहा कि उन्होंने कोई दूसरी शादी नहीं की है और सारे आरोप गलत हैं। एक तरफ जहां अस्पताल के कुछ कर्मचारी सिविल सर्जन के समर्थन में ज्ञापन दे रहे हैं, वहीं सामाजिक संगठन ‘भीलीस्तानी सेना’ ने पीड़िता के पक्ष में न्याय की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। लगातार सामने आ रहे इन आरोपों से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर जांच के लिए दबाव बढ़ गया है। आरोप अभी सिद्ध नहीं हुए
सीएमएचओ जयपाल सिंह ठाकुर ने बताया कि उक्त मामले की विभागीय जांच चल रही है। महिला कर्मचारी ने सिविल सर्जन पर आरोप लगाए हैं। आरोप अभी सिद्ध नहीं हुए। रही बात स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा ज्ञापन देने की तो उसमें दिक्कत क्या है। वो सिविल सर्जन के पक्ष में है। ज्ञापन देने में समय कितना लगता है। थोड़ी देर इससे स्वास्थ सेवाएं कोई प्रभावित नहीं होती है। शिकायती आवेदन मिला है
शहर कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि डॉ ऋतु खाना ने शिकायती आवेदन दिया था। पारिवारिक मामला है। दोनों अलग रहते हैं।
