नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में लगातार हिंदुओं की मौत हो रही है और सरकार के जिम्मेदार अधिकारी जहरीली शराब के मामले में डिस्टलरी मालिकों को बचाने में लगे हैं। सिंघार ने कहा- पाकिस्तान के बाद अगर हिंदू कहीं खतरे में हैं तो वह मध्य प्रदेश है। सागर से लौटने के बाद भोपाल स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंघार ने कहा कि सरकार और आबकारी विभाग शराब के नेटवर्क के उत्तर प्रदेश से जुड़े होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। उनका दावा है कि शराब का नेटवर्क उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के उज्जैन से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि गुजरात के भावनगर में नौ लोगों की मौत के मामले में गुजरात पुलिस को उज्जैन का नेटवर्क मिला था। उज्जैन में शराब पकड़ी गई और वहां किस तरह शराब का नेटवर्क चल रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। सिंघार ने सवाल किया कि उज्जैन में अनीश यादव किससे जुड़े हुए हैं और क्या उन्हें मुख्यमंत्री का समर्थन हासिल है? उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इस मामले में बयान देने की मांग की। उन्होंने कहा कि उज्जैन और धार में जहरीली शराब बन रही है और सागर में पहुंच रही है। सरकार को बताना चाहिए कि ऐसा क्यों हो रहा है। ‘आबकारी आयुक्त सागर क्यों पहुंचे, किसे बचाने?’ सिंघार ने आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना के सागर पहुंचने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घबराहट में आबकारी आयुक्त सागर पहुंचे, लेकिन यह स्पष्ट होना चाहिए कि वे आबकारी विभाग के नेक्सस को बचाने पहुंचे थे या डिस्टलरी मालिकों को। उन्होंने कहा कि अभी तक जिला आबकारी अधिकारी और बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई है और डिस्टलरी मालिकों पर भी केस दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने आबकारी विभाग के आदेशों में कथित बदलाव को लेकर भी सवाल उठाया। सिंघार ने कहा कि यदि किसी ब्रांड की शराब को पहले पीने योग्य नहीं बताया गया और एक घंटे के भीतर ही आदेश बदलकर उसे पीने योग्य बता दिया गया तो यह गंभीर मामला है। उनके अनुसार यह बदलाव अधिकारियों और डिस्टलरी मालिकों के बीच मिलीभगत की ओर इशारा करता है। ‘यूपी को बदनाम करने में लगे, नेटवर्क एमपी में’ सिंघार ने कहा कि सरकार उत्तर प्रदेश को बदनाम करने में लगी है, जबकि शराब का नेटवर्क मध्य प्रदेश में चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों और डिस्टलरी मालिकों के बीच मिलीभगत के कारण नकली ब्रांड की शराब बाजार में पहुंच रही है और इसका खामियाजा आम लोग भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पैसे कमाने की होड़ है और सरकार को जनता की चिंता नहीं है। चार लाख नहीं, 25 लाख मुआवजे की मांग सिंघार ने जहरीली शराब से मृत लोगों के परिजनों को सरकार की ओर से घोषित चार लाख रुपए के मुआवजे को अपर्याप्त बताया। उन्होंने कहा कि आज की महंगाई में चार लाख रुपए में किसी परिवार का जीवन नहीं चल सकता। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को कम से कम 25 लाख रुपए मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। ‘हिंदुओं के नाम पर वोट, सुरक्षा देने में सरकार नाकाम’ इंदौर, बालाघाट, छिंदवाड़ा और सागर में हुई मौतों का जिक्र करते हुए सिंघार ने भाजपा पर हिंदुत्व के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि भागीरथपुरा, बालाघाट, छिंदवाड़ा और सागर में हिंदू मारे जा रहे हैं तो बार-बार हिंदुओं की बात करने वाले नेता कहां हैं। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद और मोहन भागवत पर भी सवाल उठाए। सिंघार ने कहा कि भाजपा मुसलमानों के नाम पर हिंदुओं को डराकर वोट लेना चाहती है, लेकिन हिंदुओं के लिए सही व्यवस्थाएं नहीं दे पा रही। उन्होंने मुख्यमंत्री के दुबई दौरे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिस प्रदेश में दवा, पानी और शराब लोगों की जान ले रहे हैं, वहां निवेशक किस भरोसे निवेश करेगा।
