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सरकार बोली- पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाना एक एक्सपेरिमेंट:असर अगले साल पता चलेगा, सुप्रीम कोर्ट का मौजूदा सप्लाई पॉलिसी जारी रखने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने की सरकार की E20 योजना पर सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का प्रोग्राम अभी भी एक्सपेरिमेंट है। इसका पूरा असर अगले साल तक पता चलेगा। केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि E20 पॉलिसी में किसी बदलाव की योजना नहीं है। हालांकि, अलग-अलग कंपनियों को एथेनॉल का आवंटन मांग और उपलब्धता के आधार पर बढ़ाया या घटाया जा सकता है, इसलिए मौजूदा सप्लाई पॉलिसी फिलहाल जारी रहेगी। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है, जिसमें एक कंपनी के एथेनॉल सप्लाई पर पुनर्विचार कर उसे बढ़ाने की मांग पर फैसला लेने को कहा गया था। साथ ही कोर्ट ने इस मामले में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की याचिका पर नोटिस जारी किया है। विवाद कैसे शुरू हुआ यह मामला विन्प डिस्टिलरीज एंड शुगर प्राइवेट लिमिटेड की याचिका से जुड़ा है। कंपनी ने कर्नाटक हाईकोर्ट में कहा था कि उसने सिर्फ एथेनॉल बनाने का प्लांट लगाया है। उसकी सालाना क्षमता करीब 9.90 करोड़ लीटर है, लेकिन 2025-26 के लिए उसे सिर्फ 3.92 करोड़ लीटर एथेनॉल सप्लाई का ऑर्डर मिला। जबकि उसने 9.26 करोड़ लीटर की बोली लगाई थी। सरकार की ओर से कहा गया कि पहले ज्यादा आवंटन मिलने का मतलब यह नहीं है कि कंपनी हर बार उतनी ही मात्रा मांग सकती है। अगर उसकी मांग मान ली गई तो सरकार की पूरी नीति बदल जाएगी। हालांकि, कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि कंपनी को पहले की नीति और समझौते के आधार पर यह उम्मीद थी कि उसे पहले की तरह आवंटन मिलेगा। इसलिए OMCs को उसके आवेदन पर फिर से विचार करना चाहिए। सरकार ने E20 को बताया सुरक्षित यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ लोग E20 पेट्रोल से पुराने वाहनों को नुकसान और माइलेज कम होने की चिंता जता रहे हैं। सरकार का कहना है कि अब तक ऐसा कोई पक्का वैज्ञानिक सबूत नहीं मिला है कि E20 पेट्रोल से गाड़ियों को नुकसान होता है। 24 जून को पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी कहा था कि E20 पूरी तरह सुरक्षित है। मंत्रालय ने साफ किया कि E20 पेट्रोल भरवाने से वाहन का बीमा रद्द नहीं होगा। यह दावा गलत है। कई देशों में एथेनॉल मिला पेट्रोल पहले से इस्तेमाल हो रहा सरकार के मुताबिक, अमेरिका, ब्राजील और जापान जैसे कई देशों में एथेनॉल मिला पेट्रोल पहले से इस्तेमाल हो रहा है। सरकार का कहना है कि इस योजना से भारत ने कच्चे तेल के आयात पर 1.4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की विदेशी मुद्रा बचाई है। इससे ऊर्जा सुरक्षा बढ़ी है, प्रदूषण कम हुआ है और किसानों को भी फायदा मिला है। भारत पिछले साल ही पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य तय समय से पांच साल पहले हासिल कर चुका है। एक अप्रैल से पूरे देश में E20 पेट्रोल की सप्लाई शुरू हो चुकी है। अब सरकार 2030 तक इसे बढ़ाकर 30% करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। ———————– ये खबर भी पढ़ें: 20% से ज्यादा एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी जीरो:पेट्रोल पंप पर मिल रहे E20 पेट्रोल पर कोई राहत नहीं; सरकार का दावा- क्लीन फ्यूल को बढ़ावा मिलेगा केंद्र सरकार 22% से लेकर 30% तक एथेनॉल मिले पेट्रोल पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लेगी। अभी ज्यादातर जगहों पर 20% एथनॉल मिला पेट्रोल मिलता है जिसपर कोई राहत नहीं दी गई है। केंद्र सरकार का कहना है कि इससे कच्चे तेल का इम्पोर्ट कम होगा और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा। पढ़ें पूरी खबर… एथेनॉल से पेट्रोल टैंक में जम रही काली फंगस:माइलेज घटा, सर्विसिंग का खर्च दोगुना, नमी से इंजन में जंग का दावा विक्रम दिल्ली के पालिका भवन में काम करते हैं। तीन साल पहले पुरानी कार खरीदी। एक साल बाद ही कार के फ्यूल सिस्टम में दिक्कत आ गई। पता चला कि कार में सिर्फ 10% एथेनॉल (E10) वाला पेट्रोल ही डाल सकते थे, लेकिन 20% एथेनॉल वाला, यानी E20 फ्यूल डाल दिया गया। इसका असर कार के माइलेज पर भी दिख रहा है। पहले साल में कार की सर्विसिंग में 15-20 हजार रुपए खर्च हुए। अगले साल खर्च दोगुना हो गया। पढ़ें पूरी खबर…

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