मंदसौर जिले के शामगढ़ थाना अंतर्गत डूंगरखेड़ी गांव में पुलिस ने दबिश देकर नकली दूध बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। गांव की नई आबादी में कृष्णपाल और शिवपाल के मकान पर यह अवैध कारोबार संचालित हो रहा था। पुलिस की टीम जब मौके पर पहुंची तो आरोपी दोनों भाई फरार हो चुके थे। पुलिस ने स्थल से पारस कंपनी के 6 कट्टे दूध पाउडर, 40 लीटर केमिकल, 40 लीटर तैयार नकली दूध, पाम ऑयल के 5 डिब्बे, 2 हजार लीटर क्षमता का दूध टैंक, तौल कांटा, फ्रिज और मोटर जब्त की है। कार्रवाई के दौरान एसडीओपी दिनेश प्रजापति, थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय और चौकी प्रभारी मनोज महाजन मौजूद थे। पुलिस की सूचना पर जिला खाद्य अधिकारी धीरेंद्र सिंह जादौन और नायब तहसीलदार भीम सिंह खराड़ी भी मौके पर पहुंचे तथा खाद्य विभाग की टीम ने नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा। हैरानी की बात यह है कि डूंगरखेड़ी में 40 दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। करीब 40 दिन पहले भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने शंका के आधार पर यहां से सैंपलिंग की थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हो सकी है। खाद्य विभाग की इस सुस्ती और लेटलतीफी के कारण अंचल में मिलावटखोर बेखौफ होकर दोबारा जहरीला दूध बनाने का प्लांट खड़ा कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में मिलावट के खिलाफ मुख्य रूप से पुलिस ही मोर्चा संभाले हुए है, जबकि जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। भास्कर फ्लैशबैक : यहां पहले भी पकड़ा जा चुका हजारों लीटर नकली दूध गरोठ और शामगढ़ अंचल में सिंथेटिक दूध का काला कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। इससे पहले 8 अप्रैल को कोटड़ाबुजुर्ग गांव में पुलिस ने 1500 लीटर सिंथेटिक दूध व 100 लीटर केमिकल जब्त कर आरोपी पवन गुर्जर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 12 अप्रैल को चचावदा चौकटिया में 1 हजार लीटर गाढ़ा नकली दूध, मिक्सिंग उपकरण व लैब पकड़ी गई थी, जिसे आरोपी मनीष संचालित कर रहा था। इन मामलों में भी खाद्य विभाग की आगे की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
