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सड़क के गड्‌ढ़ों में ई-रिक्शा से सफर, तय मानिए चोरी:ग्वालियर में दिल्ली-यूपी का गैंग सक्रिय, स्टेशन-बस स्टैंड से एक किलोमीटर का एरिया डेंजर जोन

यदि आप ग्वालियर में स्टेशन या रोडवेज व प्राइवेट बस स्टैंड के आसपास से ई-रिक्शा (टमटम) में सवार हो रहे हैं। आगे रास्ता खराब है और आपके बैग में गहने या नकदी है तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। ग्वालियर की खुदी सड़कों पर ई-रिक्शा में झटके लगने के बीच उसमें सवार चोर महिलाएं आपके बैग से कब गहने-नकदी निकाल ले जाएंगी यह पता भी नहीं चलेगा। जब तक गहने-नकदी चोरी का पता चलेगा काफी देर हो चुकी होगी। ग्वालियर में पिछले दो महीने में 29 इस तरह की वारदात हुई हैं। जिसमें कुछ न कुछ सामान चोरी हुआ है। वारदात के बाद पुलिस के हाथ में CCTV कैमरे की फुटेज रह जाती है। लगातार वारदात के बाद पुलिस ने ई-रिक्शा में सवार गैंग का पता लगाने क्राइम ब्रांच की टीम भी लगा रखी हैं। एक किलोमीटर के एरिया में वारदात
ग्वालियर में ई-रिक्शा में चोरी करने वाला यह यूपी के आगरा, इटावा का गिरोह है। यह स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड, गोला का मंदिर बस स्टैंड, झांसी रोड बस स्टैंड के आसपास सक्रिय रहता है। एक किलोमीटर का एरिया इस गिरोह का रोड मैप होता है। बाहर से आने वाले मुसाफिरों के लिए यही डेंजर जोन रहता है। यह गैंग बाहर से आने वाले मुसाफिरों को टारगेट कर उनके साथ ई-रिक्शा में सवार होते हैं। जब सड़क के गड्‌ढों के बीच से ई-रिक्शा गुजर रहा होता है और उसमें सवार लोग झटके खा रहे होते हैं। गैंग के सदस्य मुसाफिर के बैग पर हाथ मारकर गहने-नकदी पार कर देते हैं। गैंग में दो महिलाएं व पुरुष शामिल
ग्वालियर में पिछले दो महीने में ई-रिक्शा में 29 चोरी की वारदात हुई हैं। सभी वारदातों में चोरी का संदेह ई-रिक्शा में फरियादी के साथ सवार एक या दो महिलाएं रहीं हैं। गैंग में एक पुरुष साथी भी होता है, जो वारदात के बाद इनको स्पॉट से निकाल ले जाने में एक्सपर्ट होता है। खुदी सड़कें कर रहीं चोरों का काम आसान वैसे ई-रिक्शा में बैठकर किसी के बैग पर हाथ साफ करना आसान नहीं होता है, लेकिन ग्वालियर शहर की खुदी व जर्जर सड़क चोर गिरोह के काम को आसान बना देती हैं। ई-रिक्शा में सॉकर नहीं होते हैं। ऐसे में जब वह खुद सड़क पर आता है तो उसमें आम वाहनों की अपेक्षा ज्यादा तेज झटके लगते हैं। इसी बीच आसपास बैठी महिलां चोर टारगेट के बैग पर हाथ साफ कर जाती हैं। यही कारण है कि सबसे ज्यादा वारदात जर्जर सड़क पर हुई हैं। थानों की सीमा का विवाद बचाता है चोर इस तरह की वारदातों में फरियादी के लिए सबसे बड़ी चुनौती एफआईआर कराना होता है। ई-रिक्शा में सफर के दौरान वारदात में कई थानों की सीमा बदल जाती है। इसके बाद फरियादी वारदात के बाद कई थानों के चक्कर काटता है। वारदात के चार से पांच दिन बाद पुलिस अफसरों के हस्तक्षेप के बाद घटना को दर्ज करती है। वारदात करने वालों को भागने के लिए पूरा मौका मिल जाता है। यह है ई-रिक्शा में चोरी के बड़े मामले
केस-1
– थाटीपुर निवासी 28 वर्षीय रीना जाटव अपने पिता लोकेन्द्र सिंह जाटव के साथ 16 अप्रैल को पुरानी छावनी में एक रिश्तेदार के घर शादी समारोह में जा रही थीं पहले वह थाटीपुर से टेंपो में गोला का मंदिर चौराहे तक पहुंचीं, जहां से दोनों नीले रंग के ई-रिक्शा में सवार हुए। कुछ दूरी बाद एक अन्य महिला भी ई-रिक्शा में बैठी, जो रीना के पास आकर बैठ गई। रास्ते में जब-जब ई-रिक्शा गड्ढों से गुजरा, संदेही महिला पर्स से पांच लाख के गहने चोरी कर यादव धर्मकांटा के पास उतर गई। पुरानी छावनी पहुंचकर महिला ने बैग देखा तो घटना का पता लगा। 16 अप्रैल की घटना के बाद पीड़िता गोला का मंदिर, हजीरा व पुरानी छावनी तीन थानों के चक्कर काटती रही।
केस-2
– मुरैना निवासी 32 वर्षीय भारत सिंह राठौर, पिता रमेश सिंह राठौर, दिल्ली में ज्वेलरी का कारोबार करते हैं। वह बहन के ससुर के निधन पर मुरैना आए थे और कार्यक्रम के बाद पत्नी के साथ आदित्यपुरम स्थित ससुराल जा रहे थे। गोला का मंदिर पर बस से उतरने के बाद उन्होंने ई-रिक्शा (MP 07 ZJ 0250) लिया। कुछ दूरी पर दो महिलाएं भी उसमें बैठ गईं। डीडी नगर गेट के पास उतरने के बाद किराया देकर वे आगे बढ़े। तभी बैग की चेन खुली दिखी। बैग चेक करने पर दो लाख के गहने गायब मिले। उन्होंने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची जब तक महिलाएं भाग चुकी थीं।
केस-3
– ग्वालियर के करगंवा गांव निवासी 35 वर्षीय संजय सिंह जाटव पत्नी सपना जाटव और बच्चों के साथ भिंड में शादी समारोह में गए थे। 5 अप्रैल को लौटते समय वे बस से गोला का मंदिर चौराहा पर उतरे और वहां से मुरार 6 नंबर चौराहा के लिए एक लाल रंग का ई-रिक्शा किराए पर लिया। कुछ ही दूरी तय करने के बाद गोला का मंदिर स्थित शराब दुकान के पास ई-रिक्शा चालक ने दो महिलाओं को और बैठा लिया। ई-रिक्शा 6 नंबर चौराहा पहुंचा और दंपति उतरा, तब बैग चेक करने पर उसकी चेन खुली मिली।
डीएसपी क्राइम मनीष यादव ने बताया ई-रिक्शा में चोरी की वारदात लगातार हो रही हैं। ग्वालियर में बाहर की कुछ गैंग सक्रिय हैं। इन गैंग को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। पुलिस की टीम स्टेशन-बस स्टैंड के आसपास सक्रिय है। साथ ही घटना के बाद मिले CCTV फुटेज से भी गैंग की तलाश की जा रही है।

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