Homeमध्यप्रदेशसंडे एमपी मानसून अपडेट: MP में कोटे की 65% बारिश:इंदौर-उज्जैन संभाग में...

संडे एमपी मानसून अपडेट: MP में कोटे की 65% बारिश:इंदौर-उज्जैन संभाग में कम पानी गिरा; भोपाल, शहडोल-जबलपुर की तस्वीर बेहतर

आधे से ज्यादा मानसून बीत चुका है, लेकिन मध्य प्रदेश में कोटे की 65 प्रतिशत ही बारिश रिकॉर्ड हुई है। इनमें भोपाल, शहडोल, रीवा और जबलपुर की तस्वीर बेहतर है, लेकिन इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम में पानी कम गिरा है। मौसम एक्सपर्ट की माने तो बारिश की लिहाज से यह सप्ताह बेहतर रहेगा। ऐसे में आंकड़े में सुधार हो सकता है। अगस्त के तीसरे सप्ताह में प्रदेश में मानसून ट्रफ, डिप्रेशन और लो प्रेशर एरिया (निम्न दवाब क्षेत्र) एक्टिव रहे। इस वजह से पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर बना रहा। डिंडौरी, सिवनी समेत कई जिलों में तो बाढ़ आ गई। नर्मदा, मंदाकिनी नदियां उफान पर रही और झरने फूट पड़े। IMD (मौसम केंद्र) की माने तो अगले सप्ताह तेज बारिश का अनुमान है। ऐसे में कई जिलों में कोटा फुल हो सकता है। प्रदेश में अब तक औसत 27.4 इंच बारिश होना थी, लेकिन 24.4 इंच पानी ही गिरा है। यह कोटे से 3 इंच कम है। एमपी के डैम औसत 84% तक भरे
प्रदेश के डैमों की स्थिति के बारे में बात करें तो जल भराव की स्थिति 64 प्रतिशत से ज्यादा है। इनमें इंदिरा सागर 54%, गांधी सागर 67%, बाण सागर 65%, बारना 76%, कोलार 82%, महान 77%, राजघाट 86%, बरगी 86%, ओंकारेश्वर 30% और तवा 46% तक भर चुका है। बरगी, जौहिला समेत कई डैमों के गेट भी खुल चुके हैं। हालांकि, इंदौर और उज्जैन संभाग के डैमों की स्थिति ठीक नहीं है। इस बार 9 दिन लेट आया था मानसून
बता दें कि इस बार मानसून 9 दिन देरी से 24 जून को पहुंचा था और अगले नौ दिन में पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। देरी की वजह से प्रदेश में जून महीने में 30 प्रतिशत बारिश कम हुई थी, लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह में ये आंकड़ा प्लस में 8 प्रतिशत पर आ गया। दूसरे सप्ताह में मानसून कमजोर रहा। कहीं भी भारी बारिश नहीं हुई। इस वजह से औसत आधा इंच पानी भी नहीं गिरा, लेकिन तीसरे सप्ताह मानसून ने रफ्तार पकड़ी और 3.3 इंच पानी गिर गया। चौथे सप्ताह में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। अगस्त के दूसरे सप्ताह में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया, जो अब तक जारी है। उमरिया और डिंडौरी में 34 इंच से ज्यादा पानी गिरा
प्रदेश के पूर्वी हिस्से के दो जिले- उमरिया और डिंडौरी में अब तक 34 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। वहीं, सबसे कम बारिश मुरैना में 12 इंच ही हुई है। मुरैना के पास के जिले भिंड में बारिश का आंकड़ा करीब 22 इंच है। एमपी में इन जिलों में कम/ज्यादा बारिश
प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, डिंडौरी, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ में 1% से 51% तक कम बारिश हुई है। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 2% से 47% कम पानी गिरा है। 15 जिलों में ज्यादा बारिश
IMD की माने तो अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। ऐसे समझें बारिश का गणित… सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले 30 इंच से ज्यादा- भोपाल, राजगढ़, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, गुना, सीधी, सतना, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर,
20 से 30 इंच तक- सीहोर, रायसेन, विदिशा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाडा़, सिवनी, ग्वालियर, शिवपुरी, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, उज्जैन, देवास, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, रीवा, सिंगरौली, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल और मऊगंज।
15 से 20 इंच तक- इंदौर, धार, झाबुआ, बड़वानी, अशोकनगर, दतिया, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर और पांढुर्णा।
15 इंच से कम- आलीराजपुर, भिंड और मैहर। मध्यप्रदेश में कैसा रहेगा यह सप्ताह
मौसम एक्सपर्ट शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि पूर्वी हिस्से में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में तेज बारिश का दौर बना रहेगा। भोपाल, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में भी सिस्टम का असर देखने को मिलेगा। लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ की वजह से बारिश का दौर लगातार बना रहेगा। 5 बड़े शहरों में ऐसा रहेगा मौसम

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here