Homeदेशरिजिजू बोले- राहुल के निशाने पर सिर्फ हिंदू क्यों:अल्पसंख्यक महिलाओं की बात...

रिजिजू बोले- राहुल के निशाने पर सिर्फ हिंदू क्यों:अल्पसंख्यक महिलाओं की बात क्यों नहीं करते; समाज बांटने के लिए बेटियों को कम न आंकें

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘पितृसत्ता तोड़ो’ बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस पार्टी हिंदू परंपराओं को ही निशाना क्यों बनाती है और अल्पसंख्यक महिलाओं की स्थिति पर चुप क्यों रहती है। रिजिजू ने सोशल मीडिया एक्स पर कांग्रेस के सामाजिक सुधार के तरीके को चुनिंदा बताया। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी महिलाओं के साथ खड़ी है, तो उसे हर समुदाय की हर महिला के साथ खड़ा होना चाहिए। 22 अगस्त: राहुल बोले थे- मनुस्मृति में महिलाएं परिवार की संपत्ति राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं की आजादी और पितृसत्ता के मुद्दे पर एक घंटा 16 मिनट बात की थी। उन्होंने कहा, ‘महिला की पहचान उसके पिता, पति या बेटे से नहीं होती, बल्कि उसकी अपनी पहचान होती है।’ मनुस्मृति का जिक्र करते हुए महिलाओं को पिता, पति और बच्चों की संपत्ति मानने वाली सोच को शर्मनाक बताया। राहुल ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ 3 तरह से हिंसा होती है। पहली- पैदा होते ही हत्या, दूसरी- शारीरिक अत्याचार, तीसरी- आर्थिक बंदिशें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, नौकरी, संपत्ति और अपने फैसले लेने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए। राहुल ने छात्राओं से कहा कि वे डरें नहीं, अपनी आवाज बुलंद करें और अपने लिए लड़ें। इस दौरान राहुल ने 5 लड़कियों से बातचीत की। राहुल ने कहा था- लड़कियों की शादी के कारण पढ़ाई छूट जाती है, 5 बड़ी बातें: 1. महिलाओं की पहचान पिता, पति या बेटे से नहींः राहुल ने कहा कि महिलाओं का पिता, पति और बेटे से रिश्ता जरूर है, लेकिन उनकी पहचान उनसे नहीं है। महिलाएं किसी पर आश्रित नहीं हैं और उन्हें स्वतंत्र पहचान के साथ जीना चाहिए। 2. महिलाओं पर हिंसा, अपमान, समय और नियंत्रणः राहुल ने कहा कि महिलाओं को नियंत्रित करने के चार तरीके हैं- हिंसा, अपमान/अनादर, समय और कंट्रोल। उन्होंने कहा कि महिलाओं को देर तक बाहर रहने, काम करने और अपनी पसंद से जीवन जीने पर रोक का सामना करना पड़ता है। 3. शिक्षा और रोजगार में भेदभावः राहुल ने सवाल उठाया कि वह सोच कहां से आती है जिसमें लड़के को पढ़ाने और लड़की को पढ़ाई या नौकरी से रोकने की मानसिकता होती है। उन्होंने कहा कि लड़कियों की शादी और घरेलू काम के कारण पढ़ाई छूट जाती है। 4. लड़कियों से ‘बी लाउड, बी प्राउड’ की अपीलः राहुल ने छात्राओं से कहा कि उन्हें डरकर या दबकर नहीं रहना चाहिए। उनका संदेश था-“अपनी बात जोरदार ढंग से कहें, गर्व महसूस करें और अपने लिए लड़ें।” उन्होंने कहा कि पितृसत्ता से मिलकर लड़ना होगा। 5. ‘पिंजरा तोड़ो’ और अपने लिए आवाज उठाओः राहुल ने छात्राओं से कहा कि उन्हें उस “पिंजरे” को तोड़ना होगा जिसमें समाज उन्हें बंद करता है। उनका संदेश था कि लड़कियां डरें नहीं, अपनी बात जोर से रखें और अपने लिए लड़ें। उन्होंने शिक्षा, नौकरी, घर से बाहर निकलने और अपनी पसंद से जीवन जीने की आजादी को इससे जोड़ा। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… राहुल की CM फडणवीस से अपील-आदिवासी छात्रों से मिलें: लेटर लिखा- वे 10 दिन से भूख हड़ताल पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक लेटर लिखा। जिसमें उन्होंने राज्य के आदिवासी छात्रों की समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की। राहुल ने बताया कि ये छात्र सरकारी हॉस्टल में रहने की एज लिमिट और अपमानजनक नियमों के खिलाफ 10 दिन से ज्यादा समय से भूख हड़ताल कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here