मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। कांग्रेस की चूक ने करा दी पार्टी की किरकिरी
छतरपुर में कांग्रेस की एक चूक अब पार्टी की किरकिरी का कारण बन गई है। दरअसल, कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ विषय पर प्रेस वार्ता आयोजित की थी। लेकिन कार्यक्रम के मुद्दों से ज्यादा चर्चा मंच पर लगे पोस्टर और बैनर की गलतियों की होने लगी। बैकड्रॉप पर लगे पोस्टर में राहुल गांधी के हाथ में संविधान की जो प्रति दिखाई गई है, वह उलटी नजर आ रही है। वहीं, पीछे लगे एक अन्य बैनर में राहुल गांधी के चेहरे पर केक लगा हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि कांग्रेस इसे प्रिंटिंग की गलती बता रही है। उधर, भोपाल में मीसाबंदियों के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी के संविधान की प्रति लेकर चलने पर तंज कसा। उन्होंने कहा- वे लाल किताब बताकर संविधान की बात करते हैं, लेकिन संविधान का सबसे ज्यादा दुरुपयोग अगर किसी ने किया है, तो वह कांग्रेस और उसकी पांच पीढ़ियों ने किया है। फिल्मी डायलॉग पर उलझ गए दिग्विजय सिंह
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे एक फिल्मी डायलॉग से जुड़े सवाल पर उलझ गए। दरअसल, कार्यक्रम की एंकर ने पहले उनसे पूछा कि क्या उन्हें फिल्में देखने का शौक है। इस पर दिग्विजय सिंह ने मुस्कुराते हुए कहा- सिनेमा का शौक किसे नहीं होता। इसके बाद एंकर ने उनसे मशहूर डायलॉग, ‘ये ढाई किलो का हाथ…’ पूरा करने को कहा। सवाल सुनते ही दिग्विजय सिंह हंस पड़े, लेकिन डायलॉग पूरा करने की बजाय बात को टाल गए। अब ये वीडियो देखने के बाद लोग कह रहे हैं कि दिग्विजय सिंह भले ही ‘ढाई किलो का हाथ’ वाला डायलॉग पूरा न कर पाए हों, लेकिन राजनीति में उनके ‘पंच’ आज भी काफी दमदार माने जाते हैं। ऑटो चलाते नजर आए मंत्री विश्वास सारंग
मंत्री विश्वास सारंग का अलग ही अंदाज देखने को मिला। वे ऑटो चलाते नजर आए। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुद उन्होंने ही ये वीडियो शेयर किया है। दरअसल, मंत्री सारंग अपने विधानसभा क्षेत्र में मीसाबंदी रहे बुजुर्ग रामकुमार पटेल से मिलने उनके घर पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने कुछ देर के लिए ऑटो की ड्राइविंग सीट संभाली और ऑटो चलाया। अब लोग कह रहे हैं कि यही राजनीति है। जनता के जहन में बने रहने के लिए ऐसे स्टंट भी करना पड़ता है। और अब अंदर की बात..
डायरेक्टर ने की अधिकारी की पावर कटिंग
एक विभाग में डायरेक्टर बनकर आए एक युवा आईएएस अधिकारी ने वहां लंबे समय से प्रभाव जमाए बैठे एक अधिकारी की पावर कटिंग शुरू कर दी है। दरअसल, यहां इस अधिकारी का सिक्का चलता था। वे खुद को बड़े अधिकारियों का करीबी बताते थे और विभाग में उनकी मर्जी के बिना पत्ता तक नहीं हिलता था। अधिकांश कर्मचारी-अधिकारी उन्हीं के निर्देशों का पालन करते थे। लेकिन नए डायरेक्टर के आते ही पूरा समीकरण बदल गया। उन्होंने अधिकारी के पर कतरने शुरू कर दिए। चर्चा तो यहां तक है कि उन्हें सरकारी गाड़ी तक के लिए तरसा दिया गया। अब सिक्का खोटा होते देख आसपास दिखने वाले कर्मचारी उनसे दूरी बनाने लगे हैं। अब हालात ऐसे हैं कि कभी विभाग में रौब दिखाने वाले ये अधिकारी अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए मंत्रालय के चक्कर काटते नजर आ रहे हैं। इनपुट सहयोग – राजेश चौरसिया (छतरपुर), आशीष रघुवंशी (गुना) ये भी पढ़ें –
अफसर ने पूर्व मंत्री को याद दिलाई ‘तमीज’: धान लेकर खेत में उतरे शिवराज सिंह उमरिया जिले के मानपुर में किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और तहसीलदार के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। तहसीलदार जब पूर्व मंत्री की ओर देख रहे थे तो कमलेश्वर पटेल ने कहा- आंख मत दिखाइए। इस पर तहसीलदार ने भी जवाब दिया- आप भी तमीज से बात कीजिए। पूरी खबर पढ़ें
