बुधवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई हुई। केंद्रीय मंत्री और पूर्व सीएम शिवराज सिंह के बेटे की और से मानहानि का मामला दायर किया गया है। अदालत ने सुनवाई करते हुए भोपाल एमपी-एमएलए की आर्डर शीट तलब की है, इसके साथ ही राहुल गांधी की ओर से वकीलों ने रिकार्ड पेश करने के लिए समय मांगा था, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 23 जून को तय की है। राहुल गांधी ने भोपाल कोर्ट से जारी किए गए समन को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उन पर आरोप था कि पनामा पेपर्स लीक मामले में कार्तिकेय का नाम एक सभा के दौरान लिया था। दरअसल राहुल गांधी ने अपने बयान में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर हुई कार्रवाई का उदाहरण देते हुए कहा था कि मध्यप्रदेश में ऐसी कार्रवाई नहीं हुई। कार्तिकेय सिंह चौहान ने दायर किया है मानहानि केस कार्तिकेय सिंह चौहान ने दावा किया कि इस बयान से उनकी छवि धूमिल हुई और उन्होंने एमपीएमएलए कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया। इसी मामले में विशेष अदालत ने राहुल गांधी को समन जारी किया था, जिसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। 2016 में जब इसके डेटा लीक का दावा किया गया था उस समय अमिताभ बच्चन, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन, अजय, विजय माल्या समेत कई बड़ी हस्तियों के नाम इसमें शामिल थे। पनामा की तरह ही पैंडोरा पेपर्स लीक का मामला भी सामने आया था। चुनावी सभा के दौरान दिया था भाषण कार्तिकेय सिंह चौहान ने शिकायत में कहा था कि वर्ष 2018 में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए राहुल गांधी ने झाबुआ की चुनावी सभा में भाषण दिया था। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर पनामा पेपर्स लीक का जिक्र करते हुए शिवराज सिंह चौहान और कार्तिकेय का नाम लिया था। हालांकि इसके दूसरे दिन ही राहुल गांधी ने अपने बयान पर कहा था कि वे कन्फ्यूज हो गए थे। दरअसल वे छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह के बेटे का नाम लेना चाह रहे थे, लेकिन कार्तिकेय का नाम ले लिया। ये खबर भी पढ़ें… राहुल गांधी मानहानि केस- जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई टली नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में मंगलवार को होने वाली सुनवाई टल गई। सुनवाई के दौरान कार्तिकेय चौहान के वकील ने कोर्ट से समय मांगा है। ऐसे में अब मामले में 14 मई को अंतिम निर्णय सुनाया जाएगा। पिछली सुनवाई में दोनों पक्षों राहुल गांधी और कार्तिकेय चौहान के वकीलों ने अपना-अपना पक्ष रखा था।पूरी खबर पढ़ें
