रायपुर के संजय नगर इलाके में पुलिस ने छापेमारी कर एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी करीब 26 साल से रायपुर में रह रहा था और यहां गाड़ी मैकेनिक का काम करता था। मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। आरोपी की पहचान रेहान के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह करीब 5 साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ रायपुर आया था। पिछले साल घुसपैठियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान वह अपने माता-पिता के साथ बांग्लादेश लौट गया था। रेहान कुछ दिन पहले दोबारा रायपुर आया और संजय नगर में चोरी-छिपे रहने लगा। इसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी के परिजनों की तलाश कर रही है। किराए के मकान में रह रहा था आरोपी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की पहचान शेख रेहान (31) के रूप में हुई है। वह संजय नगर में किराए के मकान में रह रहा था। टिकरापारा इलाके में उसकी गाड़ी मैकेनिक की छोटी दुकान भी है। पुलिस के मुताबिक, रेहान साल 2000 में महज 5 साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ रायपुर आया था। इसके बाद उसने यहीं पढ़ाई की और करीब 26 साल से रायपुर में रह रहा था। पुलिस का दावा है कि रेहान और उसके माता-पिता ने रायपुर में आधार और राशन कार्ड समेत कई भारतीय दस्तावेज बनवा लिए थे। उसका भारतीय पासपोर्ट भी बना हुआ था। वह वीजा के जरिए बांग्लादेश स्थित अपने पैतृक गांव पार्वतीपुर आता-जाता था। पिछले साल पुलिस रेड में बच गया था आरोपी दावा किया जा रहा है कि पिछले साल अभियान के दौरान रेहान अपने माता-पिता के साथ रायपुर से कोलकाता और फिर सड़क मार्ग से बांग्लादेश चला गया था। वहां कई महीने रहने के बाद वह वापस भारत आया और अलग-अलग जगहों पर छिपकर रहने लगा। पुख्ता सूचना मिलने पर पुलिस ने सोमवार को संजय नगर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया। उसके दस्तावेज और पासपोर्ट जब्त कर लिए गए हैं। माता-पिता की तलाश जारी है। पिछले महीने भी पकड़ा था बांग्लादेशी संजय नगर में पिछले महीने पुलिस ने जमाल करीम (42) को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, जमाल साल 2013 में अपने माता-पिता के साथ रायपुर आया था। इससे पहले वह पश्चिम बंगाल में रहता था। रायपुर आने के बाद उसने यहीं कबाड़ का काम शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार, जमाल के पास आधार कार्ड समेत अन्य भारतीय दस्तावेज मिले थे। उसके पिता ने उसके दस्तावेज तैयार करवाए थे। उसके पास रायपुर का आधार कार्ड और निवास प्रमाण-पत्र भी था। बांग्लादेश में पहली पत्नी, ओडिशा में की दूसरी शादी पुलिस के मुताबिक, जमाल पहले से शादीशुदा है और उसकी पहली पत्नी बांग्लादेश में रहती है। बाद में उसने ओडिशा में दूसरी शादी कर ली, जिससे उसके बच्चे भी हैं। पुलिस ने जब अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ अभियान शुरू किया, तो जमाल ओडिशा चला गया था। वह कुछ समय तक वहीं छिपा रहा। पिछले महीने रायपुर लौटने के बाद पुलिस ने उसे संजय नगर से पकड़ लिया। जेल के डिटेंशन सेंटर में रखा आरोपी को दोनों आरोपियों को रायपुर केंद्रीय जेल स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। पुलिस ने दोनों की जानकारी गृह और विदेश मंत्रालय को भेजी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों को बांग्लादेश डिपोर्ट किया जाएगा। दुर्ग, बीजापुर, सरगुजा और राजनांदगांव संभाग में भी अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। दुर्ग, बीजापुर और अन्य जगह पकड़े गए बांग्लादेशी दुर्ग पुलिस ने भी पिछले माह एक बांग्लादेशी को पकड़ा है। हालांकि, उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बीजापुर पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। कुछ दिन पहले ही उसे पकड़ा गया है। उसे रायपुर जेल में रखा गया है। वहीं, सरगुजा और राजनांदगांव संभाग में भी बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। …………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रायपुर के 3 बांग्लादेशी घुसपैठियों के पासपोर्ट रद्द: फर्जी वोटर आईडी-आधार कार्ड से बनवाए थे, 8 साल से कबाड़ी का कर रहे थे काम रायपुर के तीन बांग्लादेशी घुसपैठ भाइयों के पासपोर्ट रद्द हो गए हैं। छत्तीसगढ़ ATS ने यह कार्रवाई की है। आरोपियों ने फर्जी वोटर आईडी और आधार कार्ड के सहारे अपना फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाया था। आरोपियों के आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड को भी रद्द करने के लिए संबंधित डिपार्टमेंट को लेटर भेजा गया है। पढ़ें पूरी खबर…
