ईरान-इजराइल युद्ध के असर के चलते रतलाम में भी पिछले दो दिन से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह ठप है। इस किल्लत का सबसे ज्यादा असर होटल-रेस्टोरेंट इंडस्ट्री और शादी समारोहों पर पड़ रहा है। शादियों का सीजन होने के कारण जिनके घरों में आयोजन हैं, उनकी चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। बुकिंग के लिए ऑनलाइन नंबर और गैस एजेंसियों के सर्वर डाउन होने से उपभोक्ताओं को गैस रिफिल कराने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से शाम तक गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। होटल संचालक ने लगाई 15 हजार की डीजल भट्टी
कमर्शियल गैस नहीं मिलने के कारण शहर के कोर्ट चौराहे स्थित एक चाय-नाश्ते के होटल संचालक को मजबूरन 15 हजार रुपए खर्च कर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर डीजल भट्टी लगानी पड़ी है। सांवरिया कैटर्स के शिव व्यास ने बताया कि 14 मार्च तक शादियों का भारी सीजन है और कमर्शियल सिलेंडर की अनुपलब्धता से उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। मैरिज गार्डनों में पारंपरिक भट्टी बनाना संभव नहीं है और छोटे सिलेंडर का उपयोग करने पर प्रशासन की चालानी कार्रवाई का डर है। ऐसे में कैटरिंग व्यवसायियों ने प्रशासन से गैस आपूर्ति को पूरी तरह से बैन न कर थोड़ी-थोड़ी व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है। सराफा बाजार के 1000 बंगाली कारीगरों पर भी असर
कमर्शियल गैस की इस किल्लत का सीधा असर रतलाम के प्रसिद्ध सराफा बाजार पर भी पड़ने की आशंका है। सराफा बाजार में आभूषण बनाने, सोने-चांदी को सोल्ड करने और झारने के लिए करीब 200 दुकानों में 1000 से अधिक बंगाली कारीगर कमर्शियल गैस का ही उपयोग करते हैं। बंगाली कारीगर एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद फारुख शेख ने बताया कि फिलहाल उनके पास गैस उपलब्ध है, लेकिन यदि आपूर्ति की यह समस्या लगातार बनी रही, तो उनका काम पूरी तरह ठप हो जाएगा। शादी-ब्याह के नए और पुराने ऑर्डर पूरे न कर पाने के कारण 200 से ज्यादा दुकानें बंद करने की नौबत आ जाएगी। कलेक्टर ने ली बैठक, 25 दिन बाद मिलेगा दूसरा सिलेंडर
जिले में गैस आपूर्ति की स्थिति को लेकर कलेक्टर ने गैस वितरकों की बैठक ली और स्पष्ट किया कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि पैनिक बुकिंग से बचने के लिए अब उपभोक्ता को अंतिम रिफिल (डिलीवरी) के 25 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर दिया जाएगा। कलेक्टर ने वितरकों को निर्देशित किया है कि वे ‘पहले आओ-पहले पाओ’ (FIFO) के आधार पर वितरण करें और व्यावसायिक एलपीजी का उपयोग फिलहाल केवल अनिवार्य सेवाओं जैसे चिकित्सालय, जेल और शैक्षणिक संस्थाओं तक ही सीमित रखें। शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर जारी
आमजन की समस्याओं और पैनिक को कम करने के लिए जिला खाद्य कार्यालय में एक अलग कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो सुबह 9 से शाम 6 बजे तक कार्य करेगा। उपभोक्ता अपनी शिकायतें वाट्सएप नंबर 9691115274, 9425991291 या ई-मेल foodoffrat@mp.gov.in पर दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा इण्डेन व एचपी गैस के लिए 1800-2333-555, भारत गैस के लिए 1800-22-4344 और राष्ट्रीय एलपीजी हेल्पलाइन 1906 पर भी संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वितरकों पर एस्मा (ESMA) और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
