रायसेन जिला जेल में बुधवार सुबह रक्षाबंधन कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी। स्कूली बच्चों के साथ कार्यक्रम होना था। इसी बीच हत्या के मामले में बंद हिस्ट्रीशीटर नीलेश ठाकुर फलों की टोकरी लेकर मुख्य गेट तक पहुंचा। उसने कमर में कट्टा छिपा रखा था। इसी दौरान उसने गेट पर तैनात प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर से चाबी छीनकर भागने की कोशिश की। दोनों के बीच झूमाझटकी के दौरान कैदी ने प्रहरी को गोली मार दी। लेकिन लहूलुहान दिग्विजय ने चाबी नहीं छोड़ी और आरोपी को पकड़े रखा। इससे जेल ब्रेक की साजिश नाकाम हो गई। इसी दौरान वहां मौजूद महिला प्रहरी भारती राजपूत ने शोर मचाकर स्टाफ को अलर्ट किया। कुछ ही सेकंड में दूसरे प्रहरियों ने आरोपी को घेरकर पकड़ लिया। घटना के बाद डीजी जेल वरुण कपूर ने जेल अधीक्षक आरके चौरे को सस्पेंड कर दिया। कलेक्टर ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। लहूलुहान हुए… लेकिन कैदी को पकड़े रखा गोली पीठ से घुसी, फेफड़े में धंसी; एम्स में ऑपरेशन जिला अस्पताल के डॉ. अभिषेक सागर के अनुसार- गोली पीठ के रास्ते फेफड़े के निचले हिस्से में जाकर धंसी थी। फेफड़ों में पानी भरने के कारण प्रहरी की हालत गंभीर हो गई थी। उन्हें तत्काल भोपाल एम्स रेफर किया गया। एम्स में उनका ऑपरेशन किया गया है। फिलहाल डॉक्टर उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखकर उपचार कर रहे हैं। आरोपी बोला- जेल के बाहर से कट्टा फेंक कर दिया पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन और कट्टा जब्त किया है। पूछताछ में नीलेश ने दावा किया कि कट्टा किसी परिचित ने जेल की बाहरी दीवार के ऊपर से अंदर फेंका था। हालांकि मोबाइल फोन उसके पास कैसे पहुंचा, इस बारे में उसने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि हाई सिक्योरिटी जेल में एक बंदी के पास कट्टा और मोबाइल पहुंचा और इसकी भनक जेल स्टाफ को नहीं लगी। बड़े सवाल… जिनके जवाब जांच में तलाशे जाएंगे 1. जेल में कट्टा कैसे पहुंचा? बाहरी दीवार से कट्टा मिलने का दावा है। अगर ऐसा है तो जेल की पेट्रोलिंग कितनी प्रभावी थी। 2. 200 बंदियों पर 14 प्रहरी गंभीर अपराधों में बंद कैदियों वाली जेल में स्टाफ कम क्यों? 3. अधीक्षक के अवकाश के दौरान क्या व्यवस्था थी? जेल अधीक्षक के छुट्टी पर रहने के दौरान जिम्मेदारी किस अधिकारी के पास थी? रक्षाबंधन कार्यक्रम के लिए अतिरिक्त सुरक्षा घेरा क्यों नहीं बनाया गया? प्लानिंग: फल की टोकरी लेकर गेट तक गया, कमर में छिपा रखा था कट्टा नीलेश ठाकुर को पता था कि बुधवार सुबह जेल में रक्षाबंधन कार्यक्रम होना है। इसी का फायदा उठाकर उसने जेल से निकलने की योजना बनाई। वह फलों की टोकरी लेकर मुख्य गेट तक पहुंचा। यहां तैनात प्रहरी दिग्विजय से उसने गेट खोलने के लिए चाबी मांगी और फिर उसे छीनने की कोशिश की। इसी दौरान नीलेश ने कमर से देशी कट्टा निकाला और फायर कर दिया।
