मंदसौर में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से शनिवार शाम 6 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इसमें मुस्लिम समाज के जिम्मेदार नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मोहर्रम के आयोजन, जुलूस मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, विद्युत आपूर्ति और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने और ड्रोन तथा सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों द्वारा निगरानी रखने का निर्णय लिया है। इस दौरान एडिशनल एसपी तेर सिंह बघेल, एसडीएम शिवलाल शाक्य, सीएसपी जितेंद्र भास्कर, सिटी कोतवाली थाना प्रभारी वाय.डी. नगर, नई आबादी थाना प्रभारी सहित प्रशासन और पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों को मोहर्रम पर्व के दौरान पालन किए जाने वाले आवश्यक दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। समाजजनों ने भी पर्व के सुचारु आयोजन को लेकर अपने सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे। अधिकारियों ने इन सुझावों पर चर्चा की और भरोसा दिलाया कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने संबंधित विभागों को बिजली आपूर्ति, साफ-सफाई और पेयजल सहित सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। मोहर्रम का पर्व 17 जुलाई से प्रारंभ होकर 27 जुलाई तक चलेगा। इस अवधि में शहर सहित जिलेभर में विभिन्न धार्मिक गतिविधियां, जुलूस, छबीलें और चौकियां आयोजित की जाएंगी। संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी पुलिस निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने बताया कि शहर के सभी संवेदनशील क्षेत्रों एवं महत्वपूर्ण स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है, जहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अलावा ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी तथा सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की जाएगी। स्थानीय वॉलिंटियर्स के सहयोग से भी पूरे शहर की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। भाईचारे और शांति के साथ पर्व मनाने की अपील
अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि मोहर्रम का पर्व शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाया जाए। किसी भी प्रकार की अफवाह या विवादित गतिविधि से दूर रहने की सलाह दी गई। वहीं शहर काजी आसिफउल्लाह ने भी मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग आपसी भाईचारे और अनुशासन के साथ मोहर्रम मनाएं। उन्होंने कहा कि जुलूस एवं अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सामाजिक सौहार्द बना रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।
