छिंदवाड़ा में 44 वर्षीय एक व्यक्ति ने अपनी डेढ़ साल की भतीजी के साथ गलत काम करने की कोशिश की। बच्ची के रोने पर आरोपी ने उसे पानी भरे टब में छोड़ दिया। जब मां ने कपड़े बदलने के लिए बच्ची को उठाया तो उसके प्राइवेट पार्ट्स से खून बहता देख होश उड़ गए। वह तुरंत शिकायत दर्ज कराने परासिया थाने पहुंची। उसने बताया कि थाने में 5 घंटे तक पुलिस ने उसे बेवजह बिठाए रखा। वहीं, मायके पक्ष के लोगों को बाहर खड़ा कर दिया गया। इस बीच आरोपी को थाना प्रभारी ने कहा कि तुमने कुछ नहीं किया, शाम तक छोड़ देंगे। रिश्ते में बच्ची का ताऊ लगता है आरोपी
जानकारी के मुताबिक आरोपी रिश्ते में बच्ची का ताऊ लगता है। घटना के दिन आरोपी ने बच्ची के साथ देहिक अपराध करने का प्रयास किया। जब मासूम जोर-जोर से रोने लगी तो आरोपी ने पकड़े जाने के डर से उसे पानी के टब में छोड़ दिया। बच्ची के रोने की आवाज आई। जब मां ने बच्ची को टब से निकालकर कपड़े बदले तो उसके निजी अंगों से खून बह रहा था। इस दृश्य को देख मां सदमे में आ गई। पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
पीड़िता की मां ने बताया कि घटना के तुरंत बाद वह शिकायत दर्ज कराने परासिया थाने पहुंची, लेकिन वहां उन्हें न्याय के बजाय प्रताड़ना झेलनी पड़ी। पीड़िता ने बताया कि थाने में 5 घंटे तक बेवजह बिठाए रखा गया। उसके मायके पक्ष के लोग पहुंचे तो उन्हें बाहर खड़ा कर दिया गया। इस बीच आरोपी को थाना प्रभारी ने कहा कि तुमने कुछ नहीं किया, शाम तक छोड़ देंगे। जब मामला महिला थाना छिंदवाड़ा में शिकायत की गई तो वहां से परासिया पुलिस को सूचना दी गई। परासिया थाना प्रभारी ने फिर मामले को अपने पास खींच लिया और अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है। सिर्फ प्रारंभिक जांच और मेडिकल कराया जा रहा है। पीड़िता की मां ने न्याय की गुहार लगाते हुए महिला थाना प्रभारी और छिंदवाड़ा के पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन दिया है। परासिया थाना प्रभारी ईश्वरी पटले ने बताया कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। परिजनों की शिकायत पर बच्ची का मेडिकल करवाया गया है। आगे नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
