मध्य प्रदेश में मानसून अपने शबाब पर है। बारिश ने जहां झरनों, पहाड़ियों और ऐतिहासिक इमारतों की खूबसूरती बढ़ा दी है, वहीं पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों-श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ गई है। पचमढ़ी से मांडू और महेश्वर तक वीक-एंड पर होटल फुल हो रहे हैं। उज्जैन में सावन सोमवार और नागपंचमी के चलते 5 से 6 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। कई जगह होटल के कमरे पहले से बुक हैं, जहां कमरे मिल रहे हैं, वहां वीक-एंड के कारण किराया बढ़ गया है। मांडू में कमरा 10 हजार रुपए तक पहुंच गया है, जबकि महेश्वर में लग्जरी रॉयल रूम का किराया 60 हजार रुपए तक है। मांडू: अगले 3 दिन ‘नो रूम’, किराया 10 हजार तक बारिश में मांडू की खूबसूरती बढ़ जाती है। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। वीक-एंड पर यहां ‘नो रूम’ की स्थिति बन रही है। 14 से 16 अगस्त तक सभी होटल बुक हैं। मांडू में 2 सरकारी, 20 प्राइवेट होटल और 2 धर्मशालाएं हैं। इनमें करीब 800 कमरे हैं। होटल में कमरे का किराया 500 से 10 हजार रुपए तक है, जबकि धर्मशालाओं में करीब 2 हजार रुपए तक में कमरा मिल जाता है। मांडू में 61 संरक्षित स्मारक हैं… मांडू में 61 संरक्षित स्मारक हैं। इनमें जहाज महल, रानी रूपमती महल, बाज बहादुर महल, अशरफी महल, होशंग शाह का मकबरा, ईको पॉइंट और चतुर्भुज राम मंदिर प्रमुख हैं। उज्जैन: सोमवार को 5-6 लाख श्रद्धालु आने का अनुमान बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में शनिवार और रविवार को 3 से 4 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। सावन सोमवार और नागपंचमी एक साथ पड़ने के कारण यहां श्रद्धालुओं की संख्या 5 से 6 लाख तक पहुंच सकती है। इसके चलते अधिकांश होटल पहले से बुक हैं। जो कमरे खाली बचे हैं, उनके लिए सामान्य दिनों से ज्यादा किराया लिया जा रहा है। 1500 रुपए वाला कमरा वीक-एंड में करीब 2000 रुपए में मिल रहा है। महाकाल लोक के आसपास छोटे होटलों के किराए में करीब दोगुना तक बढ़ोतरी हुई है, जबकि बड़े होटलों ने 15 से 35% तक रेट बढ़ाए हैं। महाकाल चौराहे से बेगमबाग तक कई छोटी गलियों में भी होटल और गेस्ट हाउस चल रहे हैं। जयसिंहपुरा में कई मकानों को होम स्टे या होटल में बदल दिया गया है। महेश्वर: 1200 से 60 हजार रुपए तक कमरे नर्मदा किनारे बसे महेश्वर में 120 से ज्यादा होटल, होम स्टे, रिजॉर्ट, धर्मशाला और पर्यटन निगम के ठहरने के विकल्प हैं। यहां कमरे का शुरुआती किराया करीब 1200 रुपए है, जबकि हेरिटेज और लग्जरी होटल में रॉयल रूम की कीमत 60 हजार रुपए तक पहुंचती है। वीक-एंड पर हजारों पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन ठहरने के पर्याप्त विकल्प होने के कारण सामान्य तौर पर कमरों की कमी नहीं होती। एडवांस बुकिंग से परेशानी से बचा जा सकता है। महेश्वर आने वाले पर्यटक अकसर ओंकारेश्वर, उज्जैन और मांडू भी घूमने जाते हैं। यहां अहिल्या बाई होलकर की ऐतिहासिक विरासत, होलकर फोर्ट और नर्मदा के घाट प्रमुख आकर्षण हैं। नलखेड़ा: वीक-एंड पर होटल बुक आगर-मालवा के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में हर शनिवार-रविवार हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। शहर में करीब 45 होटल हैं। कमरों का किराया 500 से 4500 रुपए तक है। वीक-एंड के लिए अभी से बुकिंग शुरू हो गई है। अधिकांश होटल ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी दे रहे हैं। ओरछा: 3 से 15 हजार रुपए तक कमरा राजा राम की नगरी ओरछा में करीब 15 बड़े और 50 छोटे होटल हैं। इसके अलावा करीब 20 होम स्टे भी हैं। यहां कमरों का किराया 3 हजार से 15 हजार रुपए तक है। पर्याप्त होटल होने के कारण आम तौर पर कमरों की कमी नहीं रहती, लेकिन वीक-एंड पर पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है। यहां मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। दतिया: 95% कमरे पहले ही बुक पीतांबरा माता मंदिर के कारण दतिया में हर वीक-एंड पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। शहर में करीब 90 होटल और धर्मशालाएं हैं। इनमें करीब 95% कमरों की बुकिंग पहले ही हो चुकी है। दिल्ली, हरियाणा, छत्तीसगढ़, बेंगलुरू और दक्षिण भारत के दूसरे हिस्सों से भी श्रद्धालु यहां आते हैं। होटल संचालकों के मुताबिक, अचानक आने वाले पर्यटकों के लिए कुछ कमरे खाली रखने की कोशिश की जाती है, लेकिन इसकी सुविधा हर होटल में नहीं है। खजुराहो: अभी सीजन कमजोर, फिर भी वीक-एंड पर बढ़ती भीड़ खजुराहो में करीब 5 फाइव स्टार और 4 थ्री स्टार होटल हैं। छोटे-बड़े होटल और होम स्टे मिलाकर करीब 200 ठहरने के विकल्प हैं। फाइव स्टार होटलों का टैरिफ 30 से 60 हजार रुपए तक है। थ्री स्टार होटल का किराया ऑफ सीजन में करीब 5 से 7 हजार और सीजन में 10 से 12 हजार रुपए तक पहुंचता है। हालांकि, इस बार अगस्त में भी खजुराहो का पर्यटन सीजन अपेक्षाकृत कमजोर बताया जा रहा है। घूमने का प्लान है तो पहले होटल बुक करें मानसून, वीक-एंड और धार्मिक आयोजनों ने मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर भीड़ बढ़ा दी है। उज्जैन और दतिया में धार्मिक भीड़ के कारण कमरे पहले बुक हो रहे हैं, जबकि मांडू में बारिश के मौसम के कारण ‘नो रूम’ की स्थिति है। ऐसे में अगर इस वीक-एंड घूमने का प्लान है तो होटल की एडवांस बुकिंग कराना बेहतर रहेगा।
