Homeमध्यप्रदेशभोपाल के अयोध्या बायपास को NGT की अनुमति:पर्यावरण से जुड़ी शर्तों का...

भोपाल के अयोध्या बायपास को NGT की अनुमति:पर्यावरण से जुड़ी शर्तों का पालन करना होगा; दिल्ली बेंच ने फैसला सुनाया

नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (NGT) की नई दिल्ली बेंच ने भोपाल के अयोध्या बायपास को अनुमति दे दी है, लेकिन नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को पर्यावरण से जुड़ी सभी शर्तों का पालन करना होगा। भोपाल के पर्यावरणविद् नितिन सक्सेना ने एनजीटी में याचिका लगाई थी। इसी मामले का एनजीटी ने निपटा करते हुए प्रोजेक्ट को पर्यावरणीय शर्तों के अधीन आगे बढ़ाने की अनुमति दी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह, विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल और सुधीर कुमार चतुर्वेदी (विशेषज्ञ सदस्य) की पीठ ने की। आवेदक सक्सेना ने प्रोजेक्ट के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई का विरोध करते हुए पर्यावरणीय क्षति, शहरी तापमान में वृद्धि और मध्यप्रदेश वृक्षों का परिरक्षण (नगरीय क्षेत्र) अधिनियम, 2001 के उल्लंघन का मुद्दा उठाया गया था। सुनवाई के दौरान एनएचएआई ने एनजीटी को बताया कि यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय महत्व की है। भोपाल में बढ़ते यातायात दबाव, दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स और ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए यह आवश्यक है। NHAI ने यह भी बताया कि वृक्ष कटाई के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त कर ली गई है और प्रतिपूरक पौधारोपण पर्यावरणीय नियमों के अनुसार किया जाएगा। दस्तावेजों में अनुमति में कोई अवैधता नहीं
एनजीटी ने उपलब्ध दस्तावेजों, रिपोर्ट पक्षकारों की दलीलों पर विचार करने के बाद माना कि वृक्ष कटाई की अनुमति में कोई अवैधता नहीं है। हालांकि, अधिकरण ने पर्यावरण संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इनमें कहा गया कि मध्यप्रदेश वृक्ष संरक्षण कानून एवं पर्यावरणीय नियमों का कड़ाई से पालन हो। ग्रीन हाईवे नीति के अंतर्गत प्रतिपूरक वृक्षारोपण एवं संरक्षण कार्य सुनिश्चित करें। वन, नगर निगम, उद्यानिकी विभाग एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त तकनीकी समिति 15 वर्ष तक पौधारोपण की निगरानी करें। केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों का पालन किया जाए। साथ ही पिछले ल साल में पौधारोपण एवं CAMPA मद में जमा और उपयोग की गई राशि का विवरण NHAI प्रस्तुत करें। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रतिपूरक वृक्षारोपण निधि के उपयोग एवं पौधों के जीवित रहने की स्थिति का परीक्षण करते रहे। हरित क्षेत्र जरूरी, पर प्रोजेक्ट को भी आगे बढ़ाना है
इस मामले में अधिकरण ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं शहरी हरित क्षेत्र का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है, लेकिन राष्ट्रीय महत्व की आधारभूत संरचना परियोजनाएं पर्यावरणीय नियमों और प्रतिपूरक उपायों के अनुपालन के साथ आगे बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही मूल आवेदन एवं लंबित अंतरिम आवेदन निराकृत कर दिए गए। भोपाल से ऐसे दिल्ली पहुंचा मामला
बता दें कि एनएचएआई भोपाल के अयोध्या बायपास को आसाराम चौराहा से रत्नागिरि तिराहे तक 836.91 करोड़ रुपए से 10 लेन में बदल रहा है। यह 16 किलोमीटर लंबा है। इस प्रोजेक्ट में कुल 7871 पेड़ काटे जाने हैं, जो 40 से 80 साल तक के हैं। पिछले साल दिसंबर में तीन दिन में करीब आधे पेड़ काट दिए गए थे। इसका जमकर विरोध हुआ। इसके बाद मामला एनजीटी में पहुंचा और 8 जनवरी तक पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी गई थी। इस पर दो-तीन सुनवाई भोपाल बेंच ने की। इसके बाद मामला दिल्ली बेंच में पहुंच गया। इसी मामले में सुनवाई पूरी की गई है। याचिकाकर्ता सक्सेना ने बताया कि पेड़ों की कटाई के मामले में 22 दिसंबर को दिया गया स्थगन फिलहाल बरकरार रहेगा। इस निर्णय से याचिकाकर्ता को फौरी तौर पर बड़ी राहत मिली है, क्योंकि हजारों की संख्या में पेड़ कटाई पर लगी रोक अभी जारी रहेगी। पर्यावरणविद् ने किया था प्रदर्शन
पेड़ों की कटाई का विरोध पर्यावरणविदों ने किया था। पर्यावरणविद् सुभाष सी. पांडे, उमाशंकर तिवारी, याचिकाकर्ता नितिन सक्सेना, सुयश कुलश्रेष्ठ, राशिद नूर समेत अन्य लोगों ने कहा था कि पेड़ों को काटकर एनएचएआई हरियाली उजाड़ रही है। 10 लेन सड़क के बदले एनएचएआई एलिवेटेड प्रोजेक्ट पर काम कर सकता था, या फिर 10 की बजाय सिक्सलेन बनाने पर जोर दें। जिन पेड़ों को एनएचएआई नगर निगम के जरिए काट रहा है, उनकी उम्र 40 से 80 साल तक है। कांग्रेसी भी कर चुके प्रदर्शन
पेड़ों की कटाई को लेकर कांग्रेस भी विरोध प्रदर्शन कर चुकी हैं। वरिष्ठ कांग्रेसी रविंद्र साहू झूमरवाला, जिलाध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, समेत कई कांग्रेसियों ने मास्क पहनकर विरोध प्रदर्शन किया था। पर्यावरणविद् उमाशंकर तिवारी ने बताया कि बायपास के दोनों ओर जो भी पेड़ काटे जा रहे हैं, उनमें से कई की उम्र 80 से 100 साल या इससे अधिक है। इनके बदले यदि नए पौधे लगाए भी जाएंगे तो उनके पेड़ बनने में सालों बीत जाएंगे। NHAI ने पेड़ों के बदले यह प्लान बनाया था ये खबर भी पढ़ें… भोपाल के अयोध्या बायपास पर 81 हजार पौधे रोपेगा NHAI भोपाल के आसाराम चौराहा से रत्नागिरि तिराहे तक 16 किमी लंबे अयोध्या बायपास में जिन पेड़ों को काटा जाएगा, उसके बदले नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) 81 हजार पौधे रोपेगा। दूसरी ओर, 10 लेन करने के प्रोजेक्ट में सेंट्रल वर्ज की चौड़ाई को 5 मीटर से घटाकर 1.5 मीटर किया जा रहा है। यह बदलाव सिर्फ उस इलाके में होगा, जहां हरियाली है। ऐसा करने से 2075 पेड़ बचेंगे।पूरी खबर पढ़ें

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here