भागीरथपुरा दूषित पानी कांड के मामले में एक सदस्यीय जांच आयोग ने निगम के अफसरों की जिम्मेदारी अलग-अलग स्तर पर तय की गई है। उपयंत्री, सहायक यंत्री और कार्यपालन यंत्री से लेकर अपर आयुक्त स्तर तक के अधिकारियों की भूमिका को चह्नित किया है। दूषित पानी से मौतों के बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया था। हालांकि पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों के बयानों में भी अंतर सामने आया है। एक डॉक्टर ने जांच कमेटी के समक्ष चार शवों का पोस्टमॉर्टम करने की बात कही, जबकि दूसरे डॉक्टर ने दो शवों का पोस्टमॉर्टम किए जाने की जानकारी दी। इस बीच सरकार ने भागीरथपुरा मामले में हुई 36 मौतों में से 22 को दूषित पानी से हुई पेट की बीमारी से संबंधित माना है। जांच आयोग ने इस पूरे मामले में 12 आईएएस के बयान दर्ज किए हैं। लापरवाही के लिए ये जिम्मेदार
