जिले की 22 में से एक भी रेत खदान स्वीकृत नहीं है। इसके बाद भी जिलेभर में नर्मदा तटों से बेखौफ माफिया अवैध खनन कर रहे हैं। यहां योजनाबद्ध तरीके से पोकलेन और जेसीबी लगाकर रोजाना टनों बालू रेत का अवैध खनन जारी है। वहीं रेत के परिवहन के लिए बाकायदा ओवरलोड हाइवा और डंपर ग्राम पंचायतों की सड़कों को रौंदते हुए रोजाना कई चक्कर काट रहे हैं। ये डंपर चालक इतने बेखौफ हैं कि कई थानों और चौकियों के सामने से तो निकलते ही हैं, साथ ही ठीक कलेक्ट्रेट के सामने से भी निकलने में इन्हें डर नहीं लगता। वहीं अंजड़ तहसील के ग्राम छोटा बड़दा में पूर्व में अवैध खदान धंसने से पांच मजदूरों की मौत हो चुकी है। इस हादसे से भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया। क्षेत्र में अवैध उत्खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन कर अवैध खनन या परिवहन किया जा रहा है, तो संलिप्तों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में खनिज विभाग को तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करने और कड़ी कार्रवाई करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। अवैध गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। – भूपेंद्र रावत, एसडीएम, बड़वानी
विभाग द्वारा अवैध उत्खनन और परिवहन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस मामले की जानकारी भी आपसे मिली है। जिले में कहीं भी अवैध खनन की गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सूचना मिलते ही संबंधितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
– दिनेश सिंह डूडवे, जिला खनिज अधिकारी, बड़वानी
