Homeमध्यप्रदेशबीजेपी ने अपने अभियान से 'भीड़तंत्र' शब्द हटाया:अब ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’...

बीजेपी ने अपने अभियान से ‘भीड़तंत्र’ शब्द हटाया:अब ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे से कांग्रेस को घेरेगी

कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक अभियान में भाजपा ने अपने नारे में बदलाव किया है। पार्टी ने पहले ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ नाम से अभियान की योजना बनाई थी, लेकिन अब इसे ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नाम दिया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी तरुण चुग की ओर से जारी पत्र में 5 नवंबर तक अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, अभियान की विस्तृत कार्ययोजना में राष्ट्रीय नेताओं को अलग-अलग कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के समर्थन में जनजागरण करना, मतदाता सूची की शुद्धता का मुद्दा उठाना और कांग्रेस सहित विपक्ष पर भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोपों के जरिए उसे घेरना है। भाजपा इस अभियान के माध्यम से लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता, संवैधानिक मूल्यों और चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने का संदेश भी देगी। छात्रों से संवाद से लेकर सोशल मीडिया पर चलेगा कैम्पेन
पार्टी की योजना केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस और राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं है। इसके तहत देशभर में पदयात्राएं, विधानसभा क्षेत्रों में प्रमुख नागरिकों की गोष्ठियां, शिक्षण संस्थानों में युवा संवाद, छात्र प्रतियोगिताएं, प्रभावशाली नागरिकों से संपर्क और विशेषांक प्रकाशन जैसे कार्यक्रम किए जाएंगे। सोशल मीडिया पर भी अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने की तैयारी है। नाम में बदलाव के साथ राजनीतिक संदेश भी बदला अभियान के पुराने दस्तावेज में ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ और ‘लोकतंत्र बनाम भीड़तंत्र’ जैसे नारे तथा कार्यक्रमों के नाम शामिल थे। नए आधिकारिक पत्र में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ को अभियान का नाम बनाया गया है। युवा और विद्यार्थी संवाद के लिए भी ‘लोकतंत्र बनाम अराजकता’ नाम का इस्तेमाल किया गया है। भाजपा की रणनीति में SIR, मतदाता सूची की शुद्धता और घुसपैठ का मुद्दा प्रमुख रहेगा। इसके साथ विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों, चुनावी प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर उसके रुख पर सवाल उठाने की तैयारी है। पार्टी अपने अभियान में आपातकाल, प्रेस पर सेंसरशिप और राज्य सरकारों की बर्खास्तगी जैसे ऐतिहासिक मुद्दों का भी उल्लेख करेगी। दूसरी ओर रक्षा, विज्ञान, बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और जनकल्याण के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों को सामने रखने की योजना है। अभियान में इन मुद्दों पर रहेगा जोर भाजपा की कार्ययोजना में SIR के संवैधानिक आधार और चुनाव आयोग की भूमिका को सामने रखने के साथ विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की रणनीति शामिल है। पार्टी घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई, पात्र नागरिकों के मताधिकार की रक्षा और मतदाता सूची की शुद्धता को प्रमुख मुद्दा बनाएगी। इसके अलावा विपक्ष पर राजनीतिक जवाबदेही के मामले में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए भ्रष्टाचार और अन्य विवादों को भी उठाने की तैयारी है। अभियान के दौरान राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, महिला अधिकार, संवैधानिक मूल्य और नागरिक कर्तव्यों पर भी जोर दिया जाएगा। भाजपा अपने विकास कार्यों और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को भी जनता के बीच ले जाएगी। एमपी में अभियान के लिए नेताओं को दी गई जिम्मेदारियां अभियान के दौरान बीजेपी नेताओं को पालन करने होंगे ये विशेष दिशानिर्देश सिंघार बोले-भाजपा इतनी घबराहट में क्यों है? नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीजेपी के लोकतंत्र बचाओ- भीड़तंत्र हटाओ अभियान को लेकर शुक्रवार को कहा था- अगर आम व्यक्ति अपनी बात रखने किसी जनआंदोलन से जुड़ता है तो वह व्यक्ति अपने अधिकारों और अपने देश की बात कर रहा है। भाजपा इतनी घबराहट में क्यों है? क्या देश की जनता भाजपा के लिए भीड़ है? क्या आप जनता को भेड़ बकरी समझ रहे हो? ये देश के लोग हैं और देश के लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं। ये देश में सरकारें बदलते हैं।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here