भास्कर संवाददाता | विदिशा सोमवार को अक्षय तृतीया है। इस मौके पर हर साल बड़ी संख्या में बाल विवाह भी होते हैं। इस बार प्रशासन की टीम बाल विवाह रोकने के लिए पहले से ही अलर्ट मोड पर आ गई है। बाल विवाह रोकने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर टीमों का गठन किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने प्रशासन के साथ मिलकर अप्रैल के 18 दिनों में 5, और इस साल जनवरी से मार्च तक कुल 10 बाल विवाह होने से रोक दिए हैं। अब 20 अप्रैल अक्षय तृतीया पर प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती सामूहिक विवाह सम्मेलनों के दौरान होने वाले बाल विवाह की पहचान करना है। उन्हें रोकना भी है। वहीं शनिवार शाम चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर सूचना मिली थी कि सिरोंज जनपद पंचायत के ग्राम दीपनाखेड़ा के पास एक बाल विवाह हो रहा है। इस सूचना पर ब्लॉक स्तर की टीम सक्रिय हुई। बाल विवाह करवाना व बढ़ाना अपराध बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006: इसके तहत बाल विवाह करवाना, उसमें शामिल होना, या उसे बढ़ावा देना अपराध है। सजा का प्रावधान: दोषी पाए जाने पर 2 साल तक का कठोर कारावास और 1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
