बालाघाट के किरनापुर थाने में चोरी के एक मामले में आरोपी कैलाश चौधरी और उसकी गर्भवती पत्नी से मारपीट का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद एसपी आदित्य मिश्रा ने उपनिरीक्षक दामेन्द्र तुरकर, प्रधान आरक्षक आशीष बघेल, आरक्षक कपिल बघेल और महिला आरक्षक मेघा टेकाम को तुरंत निलंबित कर दिया है। उन्हें रक्षित केंद्र भेज दिया गया है। दो सप्ताह में रिपोर्ट देगी टीम, प्रभारी मंत्री बिना जवाब दिए निकले एसपी ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में चार सदस्यीय एसआईटी टीम बनाई है। टीम को दो सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। हालांकि, सोमवार को बालाघाट आए प्रभारी मंत्री उदयप्रताप ने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया और गाड़ी में बैठकर चले गए। ये है पूरा मामला यह मामला 21 अगस्त का है। किरनापुर थाना क्षेत्र के पालडोंगरी के नागुटोला गांव की शीला कारमेगे और अलका गिरिया किरनापुर पोस्ट ऑफिस गई थीं। शीला ने अपने बैंक खाते से एक लाख रुपए निकाले थे और वह पैसे गिन रही थी। तभी एक अनजान व्यक्ति ने नोटों के बंडल से रबर निकालकर गिनने को कहा। जब वह रबर निकालकर नोट गिन रही थी, उसी दौरान किसी ने अलका गिरिया के बैग से 50 हजार रुपए चुरा लिए। शीला कारमेगे ने इसकी शिकायत किरनापुर थाने में की थी। पुलिस ने इस मामले में कैलाश चौधरी और उसकी पत्नी सावित्री चौधरी को पूछताछ के लिए 2 सितंबर को थाने बुलाया था। कपड़े उतरवाकर पति-पत्नी को पीटा कैलाश चौधरी के रिटायर्ड फौजी रिश्तेदार तोषण राहंगडाले और देवर रवि चौधरी ने सोमवार को कलेक्टर से शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि 2 सितंबर की रात किरनापुर थाने में पुलिसकर्मियों ने चोरी का जुर्म कबूल करवाने के लिए कैलाश और उसकी पत्नी के कपड़े उतरवाकर पिटाई की। रिटायर्ड फौजी ने बताया कि 2 सितंबर को गिरफ्तारी के बाद महिला को 3 सितंबर शाम तक थाने में रखा गया। इस दौरान उसके कपड़े उतारकर अमानवीय मारपीट की गई। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
गर्भवती के नाजुक अंगों में पहुंचाई चोट देवर रवि चौधरी ने यह भी बताया कि उनकी भाभी दो माह की गर्भवती हैं। जिसके साथ पुलिसवालों ने मारपीट की। जिसके नाजुक अंगों से पैरो में पुलिस के मारपीट के निशान साफ देखे जा सकते है। जो पुलिस की अमानवीयता को प्रदर्शित करती है। हालांकि इस मामले की शिकायत के तत्काल बाद ही एसपी ने बड़ा एक्शन लेते हुए सभी चार लोगों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। चोरी का इल्जाम मढ़ा
बताया जाता है कि जांच के दौरान पुलिस ने किसी के कहने पर दोनो, पति-पत्नी को थाना ला लिया और पूछताछ के नाम पर उनके साथ अमानवीय मारपीट की और दबावपूर्वक चोरी का इल्जाम, मढ़ा। जबकि घटना के दौरान कैलाश चौधरी मवेशी चराने और सावित्री घर में कपड़े सिल रही थी। इसकी पुष्टि किए बगैर, पुलिस ने एक बयान के आधार पर कैलाश और उसकी पत्नी सावित्री चौधरी पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई र्की। वहीं इस मामले में परिजनों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक, राष्ट्रीय और राज्य महिला आयोग तथा पूर्व विधायक हीना कावरे को भी शिकायत की है।
