जबलपुर की बरगी बांध में क्रूज डूबने की घटना के बाद राज्य पर्यटन विभाग ने बोट क्लबों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए है। भोपाल मुख्यालय से तिघरा बोट क्लब को भी निर्देश मिले है कि पानी में लहरें उठने या फिर तेज हवाएं चलने पर किसी भी हालात में बोटिंग न कराएं। गर्मी का मौसम और बरगी की घटना के बाद बोट क्लब पर शुक्रवार को पर्यटक नहीं पहुंचे। इसलिए दिनभर बोट लंगर पर ही खड़ी रही। राज्य पर्यटन विकास निगम का तिघरा में बोट क्लब है। यहां मानसून सीजन में रोजाना बढ़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि गर्मी के मौसम में इनकी संख्या 25-50 के आसपास रह जाती है। बरगी की घटना के बाद मुख्यालय के एक महाप्रबंधन ने फोन कर जिम्मेदार अधिकारियों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को चेक करने के साथ-साथ बांध के अंदर लहरें उठने पर बिल्कुल बोटिंग न करने के सख्त निर्देश दिए। पर्यटकों के लिए बोटिंग पर्यटन निगम ने तिघरा पर पर्यटकों के लिए 2 जलपरी, 5 स्पीड बोट और 5 वाटर बाइसिकल हैं। इसके अलावा पर्यटकों के लिए क्रूज भी है। इन सभी का संचालन रोज सूरज ढलने के पहले तक होता है। पुलिस टीम पहुंची सुरक्षा देखी जबलपुर में क्रूज की घटना के बाद पुलिस अधिकारियों की टीम तिघरा बोट क्लब पहुंची। सीएसपी और थाना प्रभारी ने बोट क्लब का संचालन करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने की बात कही। साथ ही निर्देश भी दिए। तेज हवा में नहीं चलेगी बोट पर्यटन निगम जहां-जहां बांधों में जल क्रीडा करा रहा है। वहां के लिए निर्देश हैं कि मौसम विभाग के संपर्क में रहे। यदि तेज हवाएं चल रही हैं। बोट न चलाने के निर्देश दिए हैं। -डॉ. इलैयाराजा टी, सचिव मप्र पर्यटन
