भोपाल में खुद को ट्रेनी IAS और मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताकर ठगी करने के आरोपों में घिरी तृप्ति सिंह राजपूत और उसके भाई सुधांशु सिंह को बागसेवनिया पुलिस गुरुवार को चंदेरी से प्रोडक्शन वारंट पर भोपाल लेकर पहुंची। दोनों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने होटल-रिसॉर्ट लीज दिलाने के नाम पर हुई कथित ठगी के मामले में दोनों की 5 दिन की पुलिस रिमांड मांगी थी। फर्जी आईएएस और उसके भाई की सात सितंबर तक कुल चार दिन की रिमांड मंजूर की गई। पुलिस अब आरोपियों से ठगी की रकम, फर्जी दस्तावेज, बैंक खातों और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों को लेकर पूछताछ करेगी। चंदेरी में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तारी की गई थी तृप्ति और सुधांशु फिलहाल अशोकनगर जिले के चंदेरी में दर्ज मामले में गिरफ्तार हैं। चंदेरी पुलिस ने दोनों को फर्जी IAS बनकर नौकरी दिलाने के नाम पर 9.80 लाख रुपए की ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि तृप्ति खुद को एमपी टूरिज्म की एडिशनल डायरेक्टर और उसका भाई केंद्र सरकार के मानव संसाधन विभाग से जुड़ा अधिकारी बताता था। इसी पहचान के जरिए नौकरी लगवाने का झांसा देकर रकम ली गई थी। भोपाल में तृप्ति के खिलाफ दो FIR तृप्ति के खिलाफ बागसेवनिया थाने में अब दो मामले दर्ज हैं। पहले मामले में बालाघाट निवासी रोहित लिल्हारे की शिकायत पर तृप्ति, उसके भाई सुधांशु, प्रखर सिंह और अन्य के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। आरोप है कि एमपी टूरिज्म के होटल-रिसॉर्ट लीज पर दिलाने और नौकरी लगवाने का झांसा देकर रोहित से कुल 39.17 लाख रुपए लिए गए। इसमें 35.30 लाख रुपए लीज के नाम पर और 3.87 लाख रुपए नौकरी के नाम पर लेने का आरोप है। इसके बाद बागसेवनिया पुलिस ने सिवनी निवासी गगन उपवंशी की शिकायत पर दूसरा मामला दर्ज किया। इसमें तृप्ति, उसके भाई सुधांशु और साथी प्रखर पर एमपी टूरिज्म में होटल लीज दिलाने के नाम पर करीब 50 लाख रुपए लेने का आरोप है। यह तृप्ति के खिलाफ चौथी FIR बताई जा रही है।
अब चार मामलों में जांच आरोपियों पर अब तक चार केस दर्ज पुलिस के अनुसार तृप्ति के खिलाफ अब तक अशोकनगर और भोपाल में दो-दो मामले सामने आ चुके हैं। चंदेरी के मामले में 9.80 लाख रुपए की ठगी के अलावा भोपाल में 39.17 लाख और करीब 50 लाख रुपए की कथित ठगी के मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तृप्ति ने फर्जी IAS की पहचान बनाकर कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इस नेटवर्क में उसके भाई समेत और कौन-कौन लोग शामिल हैं। चंदेरी पुलिस की पूछताछ में यह बातें सामने आई थीं चंदेरी पुलिस की पिछली जांच में तृप्ति के भोपाल स्थित ठिकानों से फर्जी CBI कार्ड, लेटरहेड, ट्रेनी IAS से जुड़े मोमेंटो और ‘भारत सरकार’ लिखी इनोवा समेत कई दस्तावेज मिलने की बात सामने आई थी। अब बागसेवनिया पुलिस की रिमांड का मुख्य फोकस दोनों आरोपियों से भोपाल में दर्ज दोनों मामलों की रकम, फर्जी सरकारी पहचान तैयार करने वाले दस्तावेज, इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और ठगी के पूरे नेटवर्क की जानकारी हासिल करना रहेगा। ये खबर भी पढ़ें… फर्जी IAS तृप्ति सिंह पर चौथी FIR:पर्यटन विभाग का होटल दिलाने के नाम पर ठगे 50 लाख खुद को मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MPSTDC) में एडिशनल डायरेक्टर बताने वाली ठग तृप्ति सिंह पर चौथा केस हो गया है। MPSTDC का होटल लीज पर दिलाने का झांसा देकर 50 लाख रुपए ठगने की ये FIR भोपाल के बागसेवनिया थाने में दर्ज की गई है। इसमें तृप्ति का भाई सुधांशु सिंह और साथी प्रखर सहआरोपी हैं। भोपाल के अलावा अशोकनगर में भी तृप्ति और उसके साथियों पर दो मामले हैं।पूरी खबर पढ़ें
