अशोकनगर शहर में फर्जी बैंक खाते खुलवाकर ठगों को बेचने का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में रविवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी भोले-भाले लोगों को बहला-फुसलाकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे उनको कुछ पैसे देते और फिर बैंक खातों को उड़ीसा और बैंगलोर के ठगों को बेचते थे। कोतवाली थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि भौंरा काछी गांव निवासी करन अहिरवार लोगों को फंसाकर लाता था। दुबे कॉलोनी निवासी सुयश सिंघई का एक क्योस्क सेंटर था, जहां वह बैंक खाते खोलता था। खाता खुलवाने के बदले ग्राहकों को 1000 रुपए दिए जाते थे। गुना निवासी जितेंद्र गिरी और प्रवल प्रताप इन खातों के क्यूआर कोड जनरेट करते थे। पुलिस ने चारों को रिमांड पर लिया
इन फर्जी खातों को झारखंड और कर्नाटक के ठगों को 10,000 रुपए प्रति खाते के हिसाब से बेचा जाता था। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पिछले 3 से 4 महीने से सक्रिय था। पुलिस को आशंका है कि इस तरह से कई और लोगों के खाते खोले गए हैं, जिनका दुरुपयोग किया जा रहा था। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
दूसरों के मोबाइल से लिंक करते थे खाता
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब तार वाले बालाजी मंदिर के पास रहने वाले 20 वर्षीय रौनक यादव ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित रौनक ने अपनी शिकायत में बताया कि 7 अप्रैल को वह शंकरपुर-मगरदा चौराहे पर खड़ा था। वहां उसे उसका परिचित अमित यादव मिला, जिसने बताया कि कुछ लोग जियो और अन्य बैंकों में खाते खुलवाकर ग्राहकों को पैसे देते हैं। इसी दौरान, आरोपी करन अहिरवार अपने साथियों सुयश सिंघई, जितेंद्र गिरी और प्रवल प्रताप सिंह के साथ वहां पहुंचा। करन ने रौनक से उसका आधार और पैन कार्ड लिया, मोबाइल से फोटो खींची और दस्तावेज अपलोड कर दिए। रौनक का आरोप है कि उसके खाते से लिंक करने के लिए उसका मोबाइल नंबर नहीं लिया गया, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति का नंबर जोड़ दिया गया। रौनक को बदले में 500 रुपए दिए गए और बाकी 500 रुपए बाद में देने का वादा किया गया। उसे खाता खुलने से संबंधित कोई दस्तावेज या पासबुक भी नहीं दी गई। पीड़ित रौनक ने बताया कि आरोपियों ने इसी तरह कई अन्य लोगों के नाम पर भी खाते खोलकर बेचे हैं। जब उसने अपने खाते की पासबुक मांगी, तो आरोपियों ने टालमटोल किया और बताया कि उसका खाता किसी अन्य व्यक्ति को दे दिया गया है। आईटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने करन अहिरवार, सुयश सिंघई, जितेंद्र पुरी और प्रवल प्रताप सिंह तोमर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 316(5) और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की विवेचना जारी है।
