भिंड के देहात क्षेत्र में मंगलवार को पुलिस को सड़क किनारे पॉलीथिन में पैक एक युवक का शव मिला था। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाकर देहात थाना पुलिस ने रविवार शाम खुलासा कर दिया। मामले में मृतक की पहचान हुई तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि उसकी हत्या का किसी ने नहीं, बल्कि उसके पिता ने ही की थी। पुलिस जांच के मुताबिक, पिता ने ही बेटे को रास्ते से हटाने के लिए तीन लाख रुपए में सुपारी किलर तय किए थे। जानकारी के मुताबिक पिता ने ग्वालियर के नशा मुक्ति केंद्र से बेटे को बाहर निकलवाकर आरोपियों के हवाले किया और कार में ही उसकी हत्या करवा दी। हत्या के बाद आरोपी करीब 80 किलोमीटर तक शव को कार में लेकर घूमते रहे और देर रात भिंड के मानपुरा के पास सड़क किनारे फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले में मृतक के पिता समेत चार आरोपियों को उत्तर प्रदेश के उरई से गिरफ्तार किया है। तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था युवक
मृतक की पहचान रईस अहमद (37) पिता रशीद अहमद निवासी शिवरी मोहल्ला, वार्ड नंबर 21, उरई जिला जालौन (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। उसके पिता रशीद अहमद तेल मिल का कारोबार करते हैं। रईस तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसका बड़ा और छोटा भाई पिता के कारोबार में हाथ बंटाते हैं। पुलिस के मुताबिक, रईस शराब का आदी था। उसकी नशे की लत और हरकतों से परिवार के लोग परेशान थे। इसी वजह से पिता ने 2 सितंबर को उसे ग्वालियर के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। बेटे को केंद्र से निकलवाकर साथियों के हवाले किया
पुलिस जांच के मुताबिक, रशीद अहमद ने बेटे की हत्या की साजिश रची और इसके लिए उरई के तीन लोगों गुड्डू उर्फ अमजद खान, सानू उर्फ मुन्ना खान और मोहम्मद इस्राइल से संपर्क किया। हत्या के लिए तीन लाख रुपए में सौदा तय किया गया था। योजना के तहत 26 अक्टूबर को रशीद अपने साथियों के साथ कार लेकर ग्वालियर पहुंचा। वहां नशा मुक्ति केंद्र से बेटे रईस को बाहर निकलवाया और उसे साथियों के साथ कार में बैठाकर रवाना हो गया। चितौरा के पास कार में रस्सी से घोंटा गला
ग्वालियर से निकलने के बाद आरोपियों ने चितौरा के पास कार के अंदर ही रईस की हत्या कर दी। रस्सी से उसका गला कसकर दम घोंट दिया। हत्या के बाद आरोपी शव को कार में रखकर भिंड की तरफ रवाना हुए। वे गोहद के रास्ते करीब 80 किलोमीटर तक शव को कार में लेकर घूमते रहे। देर रात भिंड से करीब पांच किलोमीटर दूर मानपुरा इलाके में पहुंचे। यहां कार के अंदर ही शव को पॉलीथिन में पैक किया गया। उसमें नमक और डिटर्जेंट डाला गया। इसके बाद चलती कार से शव सड़क किनारे फेंककर आरोपी फरार हो गए। मैरिज गार्डन के सीसीटीवी में दिखी कार
अगले दिन शव मिलने के बाद देहात थाना पुलिस ने अंधे कत्ल की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान पास के एक मैरिज गार्डन के कैमरे में संदिग्ध कार का मूवमेंट दिखाई दिया। पुलिस ने कार के नंबर के आधार पर उसकी तलाश शुरू की। इसके साथ ही संदिग्धों के मोबाइल फोन की लोकेशन भी खंगाली गई। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन से मिले सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस की जांच उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई तक पहुंच गई। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पिता समेत चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में मृतक के पिता रशीद अहमद (63), गुड्डू उर्फ अमजद खान (43), सानू उर्फ मुन्ना खान (27) और मोहम्मद इस्राइल (48) को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपी उरई के अलग-अलग मोहल्लों के निवासी हैं। पुलिस के मुताबिक, हत्या के लिए तीन लाख रुपए में सौदा तय किया गया था। अब आरोपियों से पूछताछ कर सुपारी की रकम के भुगतान, हत्या की साजिश और वारदात में प्रत्येक की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। टीआई बोले- तीन लाख रुपए में तय किया था हत्या का सौदा
देहात थाना प्रभारी शिवप्रताप सिंह राजावत के मुताबिक, रईस की हत्या के लिए तीन लाख रुपए में कॉन्ट्रैक्ट तय किया गया था। पुलिस ने मैरिज गार्डन के सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों की मोबाइल लोकेशन के आधार पर अंधे हत्याकांड का खुलासा किया है। मामले में मृतक के पिता समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।
