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पंक्चर की दुकान में थाना प्रभारी बने मजदूर:एक साल से फरार था पत्नी का हत्यारा, गमछा और चप्पल पहनकर बुना जाल

सीधी पुलिस की प्रधान आरक्षक सविता साकेत की हत्या कर एक साल से फरार चल रहे उसके पति वीरेंद्र साकेत को पकड़ने पुलिस ने ऐसा जाल बिछाया कि आरोपी को भनक तक नहीं लगी। महाराष्ट्र के राजगढ़ में उसके छिपे होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने सीधे दबिश देने के बजाय अलग रणनीति बनाई। कोतवाली थाना प्रभारी दिव्यप्रकाश त्रिपाठी मजदूर का भेष बनाकर कंपनी के पास स्थित एक पंक्चर की दुकान पर पहुंच गए। सिर पर गमछा, पैरों में चप्पल और पुराने कपड़े पहने थाना प्रभारी ने वहां गाड़ियों में हवा भरने और पंक्चर बनाने का काम शुरू कर दिया। करीब 16 घंटे तक पुलिस आरोपी का इंतजार करती रही और आखिरकार वीरेंद्र उसी दुकान पर पहुंच गया। जैसे ही वह गाड़ी से उतरकर दुकान पर आया, पहले से तैनात पुलिस टीम ने उसे घेरकर दबोच लिया। सबसे पहले देखिए पुलिस की 2 तस्वीरें… 29 अगस्त को मिला था आखिरी सुराग वीरेंद्र को पकड़ने के लिए सीधी पुलिस पिछले करीब एक साल से अलग-अलग राज्यों में उसकी तलाश कर रही थी। वह इतना सतर्क था कि फरारी के दौरान मोबाइल तक इस्तेमाल नहीं करता था। परिवार और बच्चों से भी उसने संपर्क नहीं किया। पुलिस ने उसके रिश्तेदारों के यहां कटनी, पन्ना, सतना और सीधी में दबिश दी। इसके अलावा गुजरात, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और उत्तरप्रदेश के कई इलाकों में भी उसकी तलाश की गई, लेकिन उसका पता नहीं चला। उस पर 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। 29 अगस्त को सीधी के एक व्यक्ति ने एसपी संतोष कोरी को जानकारी दी कि वीरेंद्र कुछ साल पहले महाराष्ट्र के राजगढ़ में काम कर चुका है। पुलिस ने इस सुराग को गंभीरता से लिया और टीम को तत्काल महाराष्ट्र रवाना किया। सीधी से पुलिस टीम ने करीब 1322 किलोमीटर का सफर तय किया। राजगढ़ में ड्राइवर बनकर रह रहा था महाराष्ट्र पहुंचने के बाद पुलिस को पता चला कि वीरेंद्र खिरखिनदीवाड़ी, राजगढ़ की एक कंपनी में ड्राइवर का काम कर रहा है। उसने कंपनी के पास ही एक झोपड़ी किराए से ले रखी थी। पुलिस को आशंका थी कि अगर उसे भनक लगी तो वह दोबारा फरार हो जाएगा। इसलिए सीधे उसके ठिकाने पर जाने के बजाय उसकी गतिविधियों पर नजर रखने की योजना बनाई गई। पुलिस को पता चला कि वीरेंद्र कंपनी की गाड़ी लेकर पास की पंक्चर की दुकान पर अक्सर हवा चेक कराने आता है। इसके बाद टीआई दिव्यप्रकाश त्रिपाठी ने मजदूर का भेष धारण किया और दुकान पर पहुंच गए। उन्होंने दुकान संचालक को बताया कि उनका रिश्तेदार घर से भागकर यहां आया है और उसे साथ ले जाना है। इसके बाद वे दुकान पर मजदूर की तरह काम करने लगे। कभी हवा भरी, कभी पंक्चर बनाया टीआई ने सिर पर गमछा बांधा, चप्पल पहनी और पुराने कपड़े पहनकर दुकान पर काम करना शुरू कर दिया। वे कभी गाड़ियों में हवा भरते तो कभी पंक्चर बनाते। दुकान संचालक को भी यह पता नहीं था कि उनके साथ काम कर रहा व्यक्ति पुलिस अधिकारी है। दूसरी ओर पुलिस की बाकी टीम आसपास सादी वर्दी में तैनात थी और वीरेंद्र की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। करीब 16 घंटे तक इंतजार के बाद 2 सितंबर को वीरेंद्र कंपनी की गाड़ी लेकर उसी पंक्चर की दुकान पर पहुंचा। जैसे ही वह गाड़ी से उतरकर दुकान की तरफ आया, पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसे तत्काल वाहन में बैठाया गया और पुलिस टीम उसे सीधी लेकर रवाना हो गई। शराब के नशे में पत्नी की हत्या कर हुआ था फरार वीरेंद्र और प्रधान आरक्षक सविता साकेत की शादी करीब 22 साल पहले हुई थी। दोनों के एक बेटा और एक बेटी हैं। परिवार सीधी पुलिस लाइन स्थित शासकीय आवास में रहता था। 15 सितंबर 2025 की रात शराब के नशे में वीरेंद्र का पत्नी सविता से विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच मारपीट होने लगी। बच्चों ने डरकर खुद को कमरे में बंद कर लिया। इसी दौरान वीरेंद्र ने घर में रखे बेसबॉल के डंडे से सविता के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद वीरेंद्र आधी रात को घर से फरार हो गया। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत हत्या का केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी। एक साल में बदल गए चार टीआई सविता की हत्या के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी की तलाश में कई जगह दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया। इस दौरान थाने में करीब एक साल में चार थाना प्रभारी बदले। सितंबर 2025 में कन्हैया बघेल थाना प्रभारी थे। इसके बाद अभिषेक उपाध्याय करीब पांच महीने और विवेक द्विवेदी करीब ढाई महीने थाना प्रभारी रहे। 11 अगस्त 2026 को दिव्यप्रकाश त्रिपाठी ने कोतवाली थाना प्रभारी का पद संभाला। एसपी संतोष कोरी ने उन्हें सविता हत्याकांड की फाइल देकर आरोपी की तलाश तेज करने के निर्देश दिए थे। इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका वीरेंद्र को गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाली थाना प्रभारी दिव्यप्रकाश त्रिपाठी, हेड कांस्टेबल बलेंद्र, केपी सिंह और आरक्षक ललित मिश्रा व कृष्ण मुरारी शामिल रहे। एसपी संतोष कोरी ने टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने की बात कही है। ये खबर भी पढ़ें… महिला प्रधान आरक्षक की हत्या का आरोपी पति गिरफ्तार सीधी पुलिस ने महिला प्रधान आरक्षक सविता साकेत के हत्यारे पति को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले करीब एक साल से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए एक खास रणनीति अपनाई। पुलिस टीम के सदस्य अपना हुलिया बदलकर पंक्चर की दुकान के कर्मचारी और मालिक बन गए। उन्होंने कई घंटों तक आरोपी का इंतजार किया। जैसे ही आरोपी रोज की तरह अपनी गाड़ी में हवा चेक करवाने दुकान पर पहुंचा, पुलिस ने उसे घेरकर पकड़ लिया।पूरी खबर पढ़ें

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