मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपी के सहयोगी पिंटू पाव को 13 मार्च को पकड़ा। यह पूरा मामला पिछले साल दिसंबर में शुरू हुआ था, जब किशोरी को बहला-फुसलाकर महाराष्ट्र ले जाया गया था। यह घटना 17 दिसंबर 2025 को शुरू हुई थी। ताला थाना इलाके के एक परिवार ने अपनी नाबालिग बेटी के अचानक गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने फौरन अपहरण का केस दर्ज कर लड़की की तलाश शुरू की। जब किशोरी को संरक्षण में लिया गया, तब उसने आपबीती सुनाते हुए बताया कि मुख्य आरोपी गोविंद यादव ने अपने दो साथियों पिंटू और बंटा के साथ मिलकर उसे अगवा किया था। महाराष्ट्र ले जाकर किया गलत काम किशोरी ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसे मध्य प्रदेश से दूर महाराष्ट्र ले गए थे। वहां मुख्य आरोपी गोविंद यादव ने उसके साथ जबरदस्ती की। पीड़िता के बयानों के बाद पुलिस ने मामले में दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट जैसी धाराएं जोड़ दीं और आरोपियों की तलाश तेज कर दी। घेराबंदी कर दबोचा गया सहयोगी ताला थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा की टीम लगातार फरार आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी बीच 13 मार्च को पुलिस को खबर मिली कि इस मामले का एक सहयोगी आरोपी पिंटू पाव (19 वर्ष) धौसड़ा गांव में छिपा हुआ है। पुलिस ने बिना देर किए घेराबंदी की और पिंटू को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी अब भी फरार हालांकि पुलिस ने एक और साथी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, लेकिन मामले का मुख्य आरोपी गोविंद यादव अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस का कहना है कि उसकी तलाश के लिए टीमें लगी हुई हैं और उसे भी बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
