केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को दहशतगर्तों की B टीम बताया। CJP नीट पेपर लीक का विरोध कर रही है और शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रही है। NDTV को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा- जिन्हें डेमोक्रेसी में रिजेक्ट कर दिया गया था, वे भेष बदलकर आए हैं और अब सिस्टम के पीछे पड़े हैं। वे उन लोगों के लिए नारे लगाते हैं जो देश को बांटना चाहते हैं। उनकी पहचान हो गई है। वहीं राहुल गांधी की कोटा में रैली को लेकर प्रधान ने कहा- विपक्ष को सवाल पूछने का अधिकार है। लेकिन री-एग्जाम से तीन दिन पहले कोटा में जाकर दहशत पैदा करते हैं स्टूडेंट्स के मन में भय पैदा करते हैं। उनकी मंशा थी कि 21 की परीक्षा खराब हो जाए। BJP नेता ने कहा कि कुछ लोगों को देश की तरक्की पर भरोसा नहीं है। प्रधान ने 3 मई को नीट का पेपर लीक होने के बाद 21 जून को हुए री-एग्जाम को सफल बताया। उन्होंने पेपर लीक में शामिल शिक्षकों को भक्षक बताया। CJP का प्रदर्शन, प्रधान का इस्तीफा मांगा सोशल मीडिया संगठन CJP देश के अलग अलग शहरों में नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहा है। फाउंडर अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने थाली बजाकर शिक्षा मंत्री के विरोध में गो-प्रधान-गो के नारे लगाए थे। प्रधान के इंटरव्यू की खास बातें… राहुल ने कहा- शिक्षा व्यवस्था आज वसूली तंत्र बना राहुल गांधी ने 17 जून को कोटा में स्टूडेंट्स के साथ एक रैली की थी। सुसाइड करने वाले स्टूडेंट्स की फोटो भी मंच पर लगाई गई थी। इस दौरान उन्होंने कहा था- नीट पेपर लीक में अब तक 13 गिरफ्तारी 3 मई 2026 को नीट-यूजी का पेपर हुआ था। कुछ दिन पेपर के लीक होने का मामला सामने आया था। इसके बाद देशभर में विवाद खड़ा हो गया था। कई राज्यों में अभ्यर्थियों और विपक्षी दलों ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। सरकार ने 12 मई को मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई ने इस मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें डॉक्टर, कोचिंग संस्थानों के शिक्षक, स्कूल प्रधानाचार्य और अन्य आरोपी शामिल हैं। ————————————— ये खबर भी पढ़ें… NEET री-एग्जाम; AIIMS से PMCH तक के छात्र सॉल्वर बने, 15-20 लाख में MP-UP समेत 6 राज्यों से मेडिकल स्टूडेंट हायर किए AIIMS, PMCH और गया मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थानों से MBBS की पढ़ाई कर रहे छात्र बिहार के लखीसराय में फर्जी परीक्षार्थी के रूप में पकड़े गए। जालसाजों ने 40 लाख रुपए में डॉक्टर बनाने का ठेका लिया था। इसका काम असली परीक्षार्थी की जगह फर्जी परीक्षार्थी बैठाना है। पूरी खबर पढ़ें…
