रक्षाबंधन पर घर जाने वाले यात्रियों की भीड़ से भोपाल के तीनों प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। भोपाल, रानी कमलापति व संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर यात्रियों की लंबी कतारें लगी हैं। खचाखच भरी ट्रेनों में चढ़ने के लिए यात्री जान जोखिम में डाल रहे हैं। कई यात्री प्लेटफॉर्म से उतरकर दूसरी ओर पटरी पार करते हुए ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
ट्रेनों में जगह नहीं मिलने पर लोग बसों से सफर कर रहे हैं। ऐसे में निजी बस ऑपरेटर्स मनमानी कर रहे हैं। बस के किराए में हवाई उछाल आ गया है। ऑनलाइन पोर्टल पर भोपाल से इंदौर (190 किमी) का एसी स्लीपर किराया 5,009 रुपए तक पहुंच गया है। वहीं, पुणे, दिल्ली और मुंबई का किराया फ्लाइट के करीब पहुंच चुका है। भोपाल से सागर, दमोह, वाराणसी, जबलपुर जैसे शहरों के लिए 3 से 4 गुना तक ज्यादा किराया लिया जा रहा है। आरटीओ को निर्देश… टीमें रास्ते में रुकवाकर चेक कर रही हैं बसें हाल ही में मप्र परिवाहन विभाग ने आधिकारिक तौर पर बसों का किराया 60 से 75% तक बढ़ाने का नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके बाद भी त्योहार के नाम पर यात्रियों से सरकारी तय दरों से 3 से 4 गुना तक ज्यादा वसूली की जा रही है। इधर, परिवहन आयुक्त उमेश जोगा का कहना है कि इस संबंध में सभी आरटीओ को निर्देश दिए जा चुके हैं। हमारी टीमें रास्ते में बस रुकवाकर भी चेकिंग कर रहे हैं। सरकार ने बढ़ाई दरें, फिर भी हवा में नियम: सरकार ने किराया तय करने के लिए प्रति किमी की दर और बस की श्रेणी को आधार बनाया है। राजपत्र के अनुसार ज्यादातर यात्री किराया 2 रुपए प्रति यात्री, प्रति किमी या उसके किसी भाग के लिए निर्धारित किया गया है। यात्रा चाहे 1 किमी की हो या 4 की, आपको कम से कम 10 रुपए का भुगतान करना ही होगा। हालात… बस स्टैंड से सवारी उठा रही हैं ऑल इंडिया परमिट की बसें भोपाल के बस ऑपरेटर गोपाल पैगवार का कहना है कि ऑल इंडिया बस सर्विस वाले ही मनमाना किराया वसूल रहे हैं। जिन बसों को बस स्टैंड पर आना ही नहीं चाहिए, वे भी स्टैंड से सवारियां उठा रही हैं। स्टैंड पर ट्रैवल्स वाले यात्रियों से ज्यादा पैसा लेकर और कंडक्टर को कम पैसे देकर उनकी बसों में सवारी बिठा देते हैं।
