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ट्विशा के शव की स्थिति दिल्ली ले जाने लायक नहीं:इसलिए, पूर्व जज का बेटा ​गिरफ्तार, दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टर एम्स भोपाल में दोबारा करेंगे पोस्टमार्टम

रिटायर्ड प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा की मौत के मामले में हाई कोर्ट ने शुक्रवार को अहम आदेश जारी किए। जस्टिस अविनेंद्र कुमार सिंह की एकलपीठ ने ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम भोपाल एम्स में कराने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि शव की स्थिति ऐसी नहीं है कि उसे दिल्ली ले जाया जा सके। हालांकि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन एम्स नई दिल्ली के निदेशक करेंगे और दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों का यह बोर्ड प्रक्रिया की निगरानी करेगा। सुनवाई के दौरान आरोपी समर्थ सिंह के कोर्ट परिसर पहुंचने पर हंगामे की स्थिति बन गई। वह सरेंडर करने की नीयत से पहुंचा था, लेकिन जबलपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वहीं, मृतका पक्ष के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने बचाव पक्ष पर समर्थ को छिपाने और धक्का-मुक्की करने के आरोप लगाए। जबलपुर कोर्ट ने आरोपी को भोपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया। शुक्रवार शाम भोपाल पुलिस उसे अपने साथ ले गई। शनिवार सुबह 10 बजे के बाद भोपाल कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट की सख्ती… शव पति को सौंपने की मांग ठुकराई
सुनवाई के दौरान समर्थ पक्ष ने हिंदू रीति-रिवाजों का हवाला देते हुए मृतका का शव पति को सौंपने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया। गिरिबाला सिंह को नोटिस, भोपाल कोर्ट से मंगाई कॉपी एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह ने बताया कि गिरिबाला को भोपाल कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है, लेकिन वे जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। इस पर हाई कोर्ट ने ऑर्डर की कॉपी मांगी है। टीम गठित होते ही सूचना दें….,. कोर्ट ने निर्देश दिए कि एम्स दिल्ली विशेषज्ञ टीम गठित होते ही इसकी सूचना राज्य सरकार और एडवोकेट जनरल कार्यालय को ईमेल से भेजे। पीएम के बाद सील किए हुए एनवेलप में रिपोर्ट जांच एजेंसी को सौंपें। 2 साल में 2 लोगों को ही मिल सकी अग्रिम जमानत भोपाल कोर्ट में विशेष न्यायाधीश (ओएडब्ल्यू) पल्लवी द्विवेदी पिछले दो साल से कार्याकाल में हैं। कोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार- इस दौरान दहेज हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में उन्होंने कुल 2 केस में अग्रिम जमानत स्वीकार की है। 15 मई को कोर्ट ने गिरिबाला सिंह को बहू ट्विशा की दहेज हत्या मामले में अग्रिम जमानत का लाभ दिया था। इसका आधार बनाया था कि गिरिबाला सिंह ज्यूडिशियरी में उच्च पद पर रही हैं। उनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। ऐसे 50 हजार के बॉन्ड पर जमानत का लाभ दिया गया था। इसके अलावा एक अन्य केस में उन्होंने आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ दिया है। भोपाल कोर्ट में दहेज हत्या के 32 मामले चल रहे … पल्लवी द्विवेदी की कोर्ट में 32 केस दहेज हत्या के चल रहे हैं। इनमें से 10 केस बीएनएस की धाराओं में दर्ज हैं। 22 केस पुराने हैं, जो आईपीसी की धारा में दर्ज हैं। आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले 30 मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।

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