इंदौर पुलिस ने 16 महीने पहले अपने ही विभाग के एक पुलिसकर्मी को ड्रग्स माफिया बताया था। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से करोड़ों रुपए की 198 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त करने का दावा किया गया था। दोनों के बयानों के आधार पर पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। हालांकि, जब जांच हुई तो पूरा मामला पलट गया। जिसे एमडी ड्रग्स बताकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया था, वह भोपाल की लैब में हुई जांच में यूरिया निकली। दोबारा हैदराबाद की लैब में जांच कराई गई। वहां भी यूरिया ही पाई गई। आखिरकार, हाल ही में कोर्ट ने पुलिसकर्मी समेत उन दोनों आरोपियों को भी बरी कर दिया। अब बर्खास्त पुलिसकर्मी लखन गुप्ता ने दो IPS अधिकारियों समेत 19 पुलिस कर्मियों पर साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने इंदौर की विशेष कोर्ट में परिवाद दायर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस पर आज 27 जून को सुनवाई होना है। दो जवानों ने मुखबिर से कहलवाया नाम लखन गुप्ता ने 2 IPS अधिकारी समेत कुल 19 पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पूरे मामले में अफसरों की मुख्य भूमिका थी। जोन में पदस्थ दो जवानों ने एक मुखबिर के माध्यम से मेरा नाम आरोपियों से कहलवाया गया। मुझे आजाद नगर से तेजाजी नगर थाना लाया गया था। पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाद में सेवा से भी बर्खास्त कर दिया था। लखन गुप्ता के एडवोकेट नितिन पाराशर ने बताया कि सभी के खिलाफ धारा 61(2), 198, 199, 201, 212, 217, 227, 228, 229, 231, 233 तथा 58-59 के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। कोर्ट ने मामले में 27 जून की तारीख तय की है। इस दौरान आगे की सुनवाई, जांच और FIR दर्ज करने के संबंध में आदेश दिए जा सकते हैं। पहले भोपाल, फिर हैदराबाद में हुई जांच 26 फरवरी 2025 को एसआई रवि बट्टी, मनोज दुबे, दो प्रधान आरक्षक और दो आरक्षकों ने रालामंडल क्षेत्र से संदेह के आधार पर विजय पाटीदार और शाहनवाज शेख को पकड़ा था। उनके पास से करीब 198 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद होने का दावा किया गया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने लखन गुप्ता का नाम लिया। जांच एसआई अविनाश नागर को सौंपी गई थी। जब्त कथित एमडी ड्रग्स के दो सैंपल 15 अप्रैल 2025 को भोपाल स्थित लैब में परीक्षण के लिए भेजे गए। 27 जून 2025 को आई रिपोर्ट में पदार्थ को यूरिया बताया गया और स्पष्ट किया गया कि वह नारकोटिक्स नहीं है। इसके बाद जांच अधिकारी को खात्मा पेश करने के निर्देश दिए गए। हालांकि, पुलिस ने कोर्ट में आवेदन देकर हैदराबाद की सेंट्रल लैब में दोबारा जांच कराने की अनुमति मांग ली थी। अनुमति मिलते ही सैंपल हैदराबाद भेजे गए। 19 दिसंबर 2025 को आई दूसरी रिपोर्ट में भी जब्त पदार्थ को यूरिया ही बताया गया। इसके बाद कोर्ट ने इसी रिपोर्ट के आधार पर बर्खास्त पुलिसकर्मी लखन गुप्ता और अन्य आरोपी विजय, शाहनवाज को बरी कर दिया। यह खबर भी पढ़ें… पुलिस ने तस्करों को फाइव स्टार होटल में बंधक बनाया इंदौर के विजय नगर थाने के चार पुलिसवालों ने वर्दी को वसूली का हथियार बना लिया। आगर मालवा के बड़ौद से एक ड्रग तस्कर को उठाकर लाए, उसे थाने ले जाने के बजाय शहर के एक आलीशान 5-स्टार होटल में दो दिन तक बंधक बनाकर रखा और 5 लाख रुपए की वसूली की। पूरी खबर यहां पढ़ें…
