जबलपुर में घरेलू मामूली विवाद में एक आरक्षक ने हाईकोर्ट के वकील को घर में घुसकर पीटा। महिलाओं और पड़ोसियों ने बचाने की कोशिश की तो उनसे भी अभद्रता हुई। पीड़ित वकील सीसीटीवी फुटेज लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचे और शिकायत की। थाना प्रभारी और अन्य स्टाफ ने वीडियो देखने के बाद भी FIR दर्ज नहीं की। बल्कि समझौता करने का दबाव बनाया। इधर, पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वकील ने हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दायर कर दी। जिसकी जानकारी लगते ही सिविल लाइन थाना पुलिस ने पुलिस आरक्षक के खिलाफ कई धाराओं में घटना के 14 दिन बाद 25 अप्रैल को FIR दर्ज की है। हालांकि, याचिकाकर्ता ने पुलिस की FIR पर भी सवाल खड़े करते हुए उसे भी चुनौती दी है। बच्चों के शोर से आगबबूला हुआ आरक्षक सिविल लाइन समीक्षा टाउन में रहने वाले अधिवक्ता पंकज शर्मा 11 अप्रैल की शाम करीब 6:30 बजे घर पर आराम कर रहे थे। बाहर बच्चों का शोर हो रहा था, जिस पर उनकी पत्नी ने उन्हें शांत होकर खेलने के लिए कहा। यह बात पास में ही किराए से रहने वाले पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी को पता चली। वह शहर के मदन महल थाने में पदस्थ है। आरक्षक अधिवक्ता के घर पहुंचा और गाली-गलौच करने लगा। पास खड़े पड़ोसियों ने विवाद को शांत कराने की कोशिश की। इसी बीच अचानक आरक्षक साकेत तिवारी ने वकील पर हमला कर दिया। पड़ोसी वकील को बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन आरक्षक लगातार हमला करता रहा, जिससे उनके चेहरे पर चोट आई। घटना के बाद अधिवक्ता पंकज शर्मा सिविल लाइन थाने पहुंचे और टीआई को वीडियो फुटेज के जरिए सिपाही साकेत तिवारी की करतूत बताई, लेकिन पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया। पीड़ित का कहना था कि कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उस पर समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा था। वकील बोले- 3 घंटे तक थाने में बैठे रहे अधिवक्ता पंकज शर्मा का कहना था कि बहुत ही मामूली बात पर वर्दी का रौब दिखाते हुए पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी ने उनके साथ मारपीट की। साकेत पड़ोस में प्रकाश सराठे के घर किराए से रहते हैं। वकील पंकज शर्मा का आरोप है कि वे रात में तीन घंटे तक थाने में बैठे रहे, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने FIR दर्ज नहीं की, बल्कि उस पुलिसकर्मी को भी वहां से अलग कर दिया, जो रिपोर्ट दर्ज करता है, ताकि वह शिकायत न लिख सके। पंकज शर्मा ने घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपे, जिसमें विवाद होता दिख रहा है। मारपीट की जानकारी मिलते ही साथी अधिवक्ता सिविल लाइन थाने पहुंच गए। सीएसपी और टीआई ने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए जांच की बात कही। लगातार शिकायतें कीं, कार्रवाई नहीं हुई अधिवक्ता पंकज शर्मा का कहना है कि पुलिस आरक्षक साकेत तिवारी के खिलाफ लगातार शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में 23 अप्रैल को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिस पर 29 अप्रैल को सुनवाई होनी है। पीड़ित को नहीं दी जानकारी याचिकाकर्ता पंकज शर्मा के वकील धर्मेंद्र सोनी का कहना है कि साकेत तिवारी के खिलाफ जल्दबाजी में जो एफआईआर दर्ज की गई है, उसमें कई खामियां हैं, जिन्हें सुनवाई के दौरान कोर्ट को अवगत कराया जाएगा। उनका कहना है कि जब एफआईआर दर्ज की जा रही थी, तब आवेदक को न तो इसकी जानकारी दी गई और न ही उनके हस्ताक्षर लिए गए। जहां पंकज शर्मा के हस्ताक्षर होना थे, वहां किसी और के हस्ताक्षर कर दिए गए। धर्मेंद्र सोनी ने बताया कि एफआईआर की कंडिका 7 में आरोपी साकेत तिवारी का नाम होना था, वहां उसके अलावा एक और नाम शैलेंद्र सिंह मार्को का भी लिखा है। वह सिविल लाइन थाने में एएसआई के पद पर पदस्थ हैं और उनका इस केस से कोई ताल्लुक नहीं है। अधिवक्ता ने बताया कि जानबूझकर एफआईआर इस तरह लिखी गई है, ताकि बाद में उस पर सवाल खड़े हो सकें। अब आरक्षक मकान खाली करने लगा मदनमहल थाने में पदस्थ आरक्षक साकेत तिवारी के खिलाफ 25 अप्रैल को सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद उसी दिन उन्होंने मकान खाली कर सामान लेकर कहीं और चले गए। अधिवक्ता धर्मेंद्र सोनी का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी कोर्ट को दी जाएगी। उनका कहना है कि याचिकाकर्ता पर पुलिस द्वारा दबाव बनाया जा रहा था कि अगर शिकायत वापस नहीं ली जाती, तो काउंटर FIR दर्ज की जाएगी। याचिका में यह मांग की गई 29 अप्रैल को होगी सुनवाई पंकज शर्मा की याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जस्टिस बीपी शर्मा की कोर्ट 29 अप्रैल को सुनवाई करेगी। इसमें अधिवक्ता के साथ मारपीट और गलत एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी कोर्ट के समक्ष रखी जाएगी। यह खबर भी पढ़ें… जबलपुर में कॉन्स्टेबल ने वकील को घर में घुसकर पीटा जबलपुर में मामूली विवाद पर वकील और कॉन्स्टेबल के बीच जमकर मारपीट हुई। हंगामा होता देख आसपास के लोग बाहर आए और मामला शांत कराया। सूचना मिलते ही वकील के साथी मौके पर पहुंचे। बाद में सिविल लाइन थाने पहुंचकर कॉन्स्टेबल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पूरी खबर यहां पढ़ें…
