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ग्वालियर पुलिस का ‘स्मार्ट’ एक्शन:ऑटो में छूटा ₹6 लाख के गहनों का सूटकेस; CCTV की कड़ी जोड़कर 1 घंटे में ढूंढ निकाला

ग्वालियर शहर की कोतवाली थाना पुलिस ने तत्परता और आधुनिक तकनीक का बेहतरीन तालमेल पेश करते हुए एक यात्री के चेहरे पर खोई हुई मुस्कान वापस लौटा दी। शिवपुरी से ग्वालियर आए एक यात्री जल्दबाजी में करीब ₹6 लाख के सोने के आभूषणों से भरा सूटकेस ऑटो में ही भूल गए थे। कोतवाली पुलिस ने सूचना मिलते ही बिना एक पल गंवाए शहर में लगे हाईटेक CCTV कैमरों का जाल फैलाया और महज एक घंटे के भीतर ऑटो चालक को ढूंढकर पूरा माल सुरक्षित बरामद कर लिया। रेलवे स्टेशन से सराफा तिराहा के बीच ऑटो में छूटा कीमती सूटकेस कोतवाली थाना पुलिस की सतर्कता और तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से एक यात्री का करीब 6 लाख रुपए के सोने के गहनों से भरा सूटकेस महज एक घंटे में सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, शिवपुरी जिले के नरवर निवासी राघवेंद्र रावत किसी काम से ग्वालियर आए थे। रेलवे स्टेशन से उन्होंने सराफा तिराहा तक जाने के लिए एक ऑटो किराए पर लिया। सराफा तिराहा पहुंचकर वह किराया चुकाकर उतर गए, लेकिन जल्दबाजी में सोने के आभूषणों से भरा अपना सूटकेस ऑटो में ही भूल गए। जब उन्हें इसका अहसास हुआ, तब तक ऑटो चालक वहां से जा चुका था। थाने पहुंचे परिजन, पुलिस ने तुरंत शुरू की कार्रवाई सूटकेस में करीब 6 लाख रुपए मूल्य के पुश्तैनी और नए सोने के आभूषण रखे थे। घबराए राघवेंद्र अपने परिजन के साथ तत्काल कोतवाली थाने पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। CCTV और टाइम-मैपिंग से मिला सुराग मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद विनायक करकरे ने तत्काल विशेष टीम गठित की। पुलिस ने कंट्रोल रूम की मदद से रेलवे स्टेशन से सराफा तिराहा तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और टाइम-मैपिंग के जरिए संदिग्ध ऑटो की पहचान शुरू की। RTO रिकॉर्ड से मिला चालक, सुरक्षित मिला सूटकेस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने ऑटो का रजिस्ट्रेशन नंबर पता किया। इसके बाद आरटीओ रिकॉर्ड से चालक का नाम, पता और मोबाइल नंबर हासिल कर उससे संपर्क किया गया। पुलिस के बुलाने पर चालक सूटकेस लेकर कोतवाली थाने पहुंचा। राघवेंद्र की मौजूदगी में सूटकेस खोलकर देखा गया तो उसमें रखे सभी सोने के आभूषण सुरक्षित मिले। आवश्यक सत्यापन और पंचनामा पूरा करने के बाद पुलिस ने सूटकेस उसके मालिक को सौंप दिया। एक घंटे में मिली जिंदगी भर की कमाई महज एक घंटे में अपना कीमती सामान सुरक्षित वापस मिलने पर राघवेंद्र रावत और उनके परिजन भावुक हो गए। उन्होंने ग्वालियर पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए थाना प्रभारी विनोद विनायक करकरे, प्रधान आरक्षक रविंद्र शर्मा, धर्मेंद्र सिसोदिया और आरक्षक कैलाश का आभार व्यक्त किया।

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