मध्य प्रदेश का ग्वालियर-चंबल अंचल हमेशा से दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या के मामलों के लिए सुर्खियों में रहता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में यहां आंकड़ों में कमी आई है, लेकिन हालात अभी भी काफी खराब हैं। भोपाल की ट्विशा की तरह ग्वालियर की बेटियां (बहुएं) भी शादी के बाद सौदेबाजी और दहेज की भेंट चढ़ गईं। यहां इंस्टाग्राम गर्ल पलक रजक, थाटीपुर की निशा और कंपू की प्रीति के साथ ही कई मामले सामने आए हैं। इनमें शादी के तत्काल बाद ही दहेज की मांग को लेकर परेशान किया जाने लगा। इससे परेशान होकर उन्होंने खुदकुशी जैसा कदम उठा लिया या उनकी हत्या कर दी गई। ग्वालियर जिले में पिछले 5 वर्षों के भीतर 128 से अधिक बेटियां ससुराल पक्ष के लालच और क्रूरता की भेंट चढ़ चुकी हैं। ये वे बेटियां थीं, जिनके हाथों की मेहंदी का रंग अभी ठीक से छूटा भी नहीं था कि उन्हें कार, नकदी और सोने-चांदी के जेवरों के लिए या तो मौत के घाट उतार दिया गया। या फिर इस कदर प्रताड़ित किया गया कि वे खुदकुशी करने पर मजबूर हो गईं। हर माह 50 बहुएं प्रताड़ना की शिकार ग्वालियर में पिछले पांच वर्षों में पुलिस विभाग में दर्ज मामलों की बात करें तो 2800 बहुएं-बेटियां शारीरिक, मानसिक व दहेज प्रताड़ना की शिकार हुई हैं, जबकि वर्ष 2021 से 2025 के बीच 128 बहुओं व बेटियों की मौत हुई है। मतलब हर माह लगभग 50 बहुएं दहेज प्रताड़ना व घरेलू हिंसा की शिकार हो रही हैं। इसके साथ ही हर माह 2 से 3 बहुएं दहेज हत्या की शिकार हो रही हैं। अब जानिए अंचल के चर्चित मामले 1. इंस्टाग्राम क्वीन पलक को कार के लिए किया प्रताड़ित ग्वालियर के सुरैयापुरा में रहने वाली इंस्टाग्राम क्वीन पलक रजक की 12 मई 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया है। मौत से महज 30 मिनट पहले पलक ने अपने भाई प्रिंस को फोन कर जान बचाने की गुहार लगाई थी। पलक ने कहा था, ‘मुझे ले जाओ, वरना ये मुझे मार डालेंगे।’ जब भाई अस्पताल पहुंचा, तब उसकी बहन का शव स्ट्रेचर पर पड़ा था। 21 वर्षीय पलक के सोशल मीडिया पर 10 हजार से अधिक फॉलोअर्स थे। पुलिस और परिवार ने उसके इंस्टाग्राम अकाउंट की जांच की, तो कई ऐसी पोस्ट और रील्स सामने आईं, जिनमें वह मानसिक तनाव, घुटन और टूटन की ओर इशारा करती नजर आई। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई कि मौत से पहले पलक ने तीन दिन तक खाना नहीं खाया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ससुराल पक्ष दहेज में बुलेट बाइक और कार की मांग कर रहा था। 2. ससुराल में प्रताड़ना, मायके आकर मुस्कान ने दी जान ग्वालियर के तिघरा थाना क्षेत्र के तिघरा गांव निवासी 22 वर्षीय मुस्कान कुशवाह की शादी एक वर्ष पहले सिकंदर कंपू निवासी भूपेंद्र कुशवाह से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही कम दहेज लाने की बात कहकर ससुराल पक्ष उसे प्रताड़ित करता था। मायके पक्ष के अनुसार, ससुराल वाले दहेज में कार की मांग कर रहे थे। इसी वजह से मुस्कान 15 दिन पहले अपने मायके आकर रहने लगी थी। वह मानसिक रूप से काफी परेशान थी। मुस्कान ने घर के एक कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय घर में केवल उसका छोटा भाई मौजूद था, लेकिन उसे इसकी भनक तक नहीं लगी। उस समय मुस्कान के माता-पिता किसी काम से बाहर गए हुए थे। 3. दहेज नहीं लाने पर पति ने पिलाया तेजाब ग्वालियर के थाटीपुर निवासी 26 वर्षीय गर्भवती महिला निशा राठौर की 24 जून 2026 को इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में उसने अपने पति गजेंद्र राठौर पर दहेज के लिए मारपीट, प्रताड़ित करने और जबरन तेजाब पिलाने का आरोप लगाया है। पुलिस वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। 22 जून को थाटीपुर थाना क्षेत्र की न्यू मेहरा कॉलोनी निवासी निशा राठौर को गंभीर हालत में जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 24 जून की शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 4. शादी में मिला धोखा, साथ रखने के बदले कार मांगी ग्वालियर में एक युवती की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जांच के बाद उसके पति, उसकी पहली पत्नी और बहन के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई का मुख्य आधार आत्महत्या से ठीक पहले युवती द्वारा बनाया गया वीडियो बना। युवती ने रिटायर्ड फौजी पति राजू उर्फ सत्यनारायण भदौरिया की धोखाधड़ी से आहत होकर 11 फरवरी 2026 को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसने 6 महीने के प्रेम संबंध के बाद परिवार के विरोध के बावजूद एक फौजी से नोटरी के माध्यम से प्रेम विवाह किया था। बाद में उसे पता चला कि उसका पति पहले से शादीशुदा है और दो बच्चों का पिता भी है। आरोप है कि जब युवती ने इसका विरोध किया, तो उसके फौजी पति ने दहेज की मांग शुरू कर दी। अपराध का पैटर्न: तानों से शुरू होकर आत्महत्या तक का सफर विशेषज्ञों और पुलिस काउंसिलिंग के अनुसार, शादी के तुरंत बाद या कुछ महीनों के भीतर कार, बाइक, सोने-चांदी के जेवर या नकद दहेज की नई मांगें शुरू हो जाती हैं। शुरुआत में हल्के ताने दिए जाते हैं और मायके पक्ष को नीचा दिखाया जाता है। मांगें पूरी नहीं होने पर प्रताड़ना धीरे-धीरे मारपीट और गंभीर शारीरिक यातनाओं में बदल जाती है। समाज और बदनामी के डर से कई लड़कियां और उनके परिवार शुरुआती दौर में पुलिस के पास नहीं जाते। रिश्ता बचाने की कोशिश में महिलाएं लंबे समय तक प्रताड़ना सहती रहती हैं और अंततः मानसिक रूप से टूटकर आत्महत्या जैसा कदम उठा लेती हैं। कुछ मामलों में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाती है, जिसके बाद जांच के आधार पर दहेज हत्या या अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया जाता है। तानों-कमेंट्स से होती है प्रताड़ना की शुरुआत सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि दहेज प्रथा और इसके कारण होने वाली हिंसा समाज की सबसे गंभीर विकृतियों में से एक है। शादी के बाद अक्सर हल्के तानों और टिप्पणियों (कमेंट्स) से ऐसे मामलों की शुरुआत होती है। धीरे-धीरे यह दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का रूप ले लेता है। हाल के दिनों में ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें रील्स बनाने या सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने को लेकर विवाद उत्पन्न हुए।
