Homeमध्यप्रदेशकुरियन-मुरुगन जैसे हरल्ले नेता एमपी से राज्यसभा न भेजे जाएं:पूर्व मंत्री वर्मा...

कुरियन-मुरुगन जैसे हरल्ले नेता एमपी से राज्यसभा न भेजे जाएं:पूर्व मंत्री वर्मा बोले- मेहनती कार्यकर्ताओं की छाती पर मूंग दलने साउथ के नेताओं को भेजती है बीजेपी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने भाजपा की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्यसभा एक पवित्र सदन है और इसका चुनाव पूरी ईमानदारी से होना चाहिए। वर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा को ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ की आदत लग गई है और वह मध्य प्रदेश को ‘चारागाह’ की तरह इस्तेमाल कर रही है। कुरियन-मुरुगन जैसे हरल्ले नेता एमपी से न भेजे जाएं सज्जन सिंह वर्मा ने विशेष रूप से बाहरी नेताओं को प्रदेश से राज्यसभा भेजने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि भाजपा हाईकमान यहां के मेहनती कार्यकर्ताओं को दोयम दर्जे का मानता है। मुरुगन और कुरियन जैसे नेताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो नेता अपने प्रदेश में विधानसभा चुनाव हार चुके हैं, ऐसे ‘हरल्लों’ को मध्य प्रदेश से भेजकर भाजपा स्थानीय कार्यकर्ताओं की छाती पर मूंग दलने का काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मध्य प्रदेश कैडर के जमीनी व्यक्ति को ही राज्यसभा भेजा जाना चाहिए। 18 जून को तीन सीटों पर मतदान, नेताओं ने लगाई जुगत मध्य प्रदेश में राज्यसभा की राजनीति अब गरमाने लगी है क्योंकि अगले महीने 21 जून को तीन प्रमुख सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें दिग्गज कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, भाजपा के जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी शामिल हैं। इन रिक्त हो रही तीन सीटों पर 18 जून को चुनाव होने हैं। कार्यकाल पूरा होने और चुनाव की तारीख नजदीक आने के कारण कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के भीतर दावेदारों ने अपनी जुगत लगानी शुरू कर दी है। जहां सज्जन सिंह वर्मा स्थानीय चेहरे की मांग कर रहे हैं, वहीं भाजपा के भीतर भी कई नेता अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। मध्य प्रदेश में वर्तमान स्थिति वर्तमान संख्या बल के हिसाब से इन तीन सीटों के समीकरण दिलचस्प हैं। सज्जन सिंह वर्मा ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस अपनी एक सीट ईमानदारी से जीतना चाहती है, जबकि दो सीटें भाजपा के खाते में जाती दिख रही हैं। हालांकि, बाहरी बनाम स्थानीय के मुद्दे ने चुनाव से पहले राजनीतिक बहस छेड़ दी है। 12 राज्यों की 26 सीटों पर होंगे राज्यसभा के चुनाव 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर 18 जून को चुनाव होगा। चुनाव आयोग (EC) ने बीते शुक्रवार को यह ऐलान किया। इस चुनाव में NDA को राज्यसभा की एक सीट गंवानी पड़ सकती है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष को तीन सीटों का फायदा होने की उम्मीद है। जिन कुल 26 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, उनमें से NDA के पास अभी 18 (आंध्र प्रदेश से 1, गुजरात से 4, कर्नाटक से 3, राजस्थान-मध्य प्रदेश से 2-2, झारखंड, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से एक-एक सीटे हैं)। वहीं कांग्रेस गठबंधन के पास 5 सीटे हैं। वहीं तीन अन्य सीटें YSRCP के खाते में हैं।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here