मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मप्र में कुपोषण अब भी एक चुनौती है। इससे निपटने के लिए महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग संयुक्त रूप से एक्शन प्लान तैयार करें। सोमवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम ने कहा- कुपोषण दूर करने के लिए सभी विभाग मिलकर काम करें। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें कहा था कि मप्र सहित कई राज्य बीमारू श्रेणी से बाहर निकल चुके हैं, लेकिन कुपोषण अब भी बड़ी चुनौती है। पोषण आहार विवाद सुलझाएं, कैबिनेट में लाएं प्रस्ताव बैठक में सीएम ने लंबे समय से चल रहे पोषण आहार विवाद को जल्द सुलझाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोषण आहार का काम स्वयं सहायता समूहों को दिया जाए या निजी कंपनियों को, इस पर निर्णय लेकर अगली कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाया जाए, ताकि टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ सके। अभी ऐसे हाल… 39.7% बच्चों का वजन कम
एनएफएच 2026 के आंकड़ों के मुताबिक- 5 साल से कम उम्र के 39.7% बच्चे कम वजन के हैं, जबकि 23.8% बच्चे दुबलेपन का शिकार हैं। ठिगनेपन में सुधार हुआ है और यह 35.7% से घटकर 31.4% रह गया है। वहीं, 6 से 23 माह के केवल 12% बच्चों को ही पर्याप्त पोषण मिल पा रहा है।
